बागेश्वर/कपकोट। शारदीय नवरात्र के समापन पर मंगलवार को जिले भर में मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन पूरे विधि-विधान और पारंपरिक उल्लास के साथ किया गया। बागेश्वर नगर से लेकर कपकोट तक मां के जयकारों और छोलिया नृत्यों की थाप के बीच श्रद्धालुओं ने नम आंखों से जगत जननी को विदाई दी। सरयू नदी के तटों पर उमड़ी भारी भीड़ के बीच मूर्तियों का विसर्जन कर सुख-समृद्धि की कामना की गई। नुमाइशखेत मैदान, देवी पूजा पंडाल और खरही में स्थापित मां दुर्गा की मूर्तियों को लेकर भव्य शोभायात्रा निकाली गई। नुमाइशखेत मैदान से उठी शोभायात्रा दुग बाजार, माल रोड, एसबीआई तिराहा और तहसील रोड होते हुए नगर के विभिन्न मार्गों से गुजरी। इस दौरान मार्ग में छोलिया कलाकारों ने मनमोहक और पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत कर लोगों का मन मोह लिया। दुर्गा पूजा कमेटी और देवी पूजा कमेटी की ओर से अलग-अलग मार्गों से होते हुए मूर्तियों को सरयू नदी के ब्रह्मकपाली शिला के पास लाया गया, जहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मूर्तियों का विसर्जन किया गया। इस दौरान नदी तटों पर जनसैलाब उमड़ पड़ा और लोगों ने छतों से भी विदाई यात्रा के दर्शन किए। विसर्जन कार्यक्रम में नगर पूजा कमेटी के मुकेश साह, बूजकिशोर वर्मा, उमेश साह, नवीन लोहनी, गोविंद जगाती, देवी पूजा कमेटी के अध्यक्ष प्रशांत मलड़ा, राजेंद्र प्रसाद उपाध्याय, कमल नेगी, मनोज जोशी समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।