सोरहिया मेला 19 सितंबर से लक्ष्मीकुंड (लक्सा) पर लगेगा। त्रिगुणात्मक सिद्धपीठ श्री महालक्ष्मी मंदिर में शुक्रवार से ही भक्तों का रेला उमड़ने लगा। मंदिर में महिलाएं व्रत रखकर माता लक्ष्मी और जिउतिया माता की 16 दिनों तक पूजा करेंगी। भादो मास के शुक्लपक्ष की अष्टमी से आश्विन कृष्ण पक्ष यानी पितृपक्ष की अष्टमी तक व्रत का विधान है। इस व्रत में महिलाएं देवी को चढ़ने वाली हर चीज 16-16 की संख्या में चढ़ाएंगी। संतान की दीर्घायु और सुख-समृद्धि के लिए पूजन-अर्चन करेंगी। लक्ष्मीकुंड पर सोरहिया मेला राधाष्टमी से पितृपक्ष की अष्टमी तक लगता है। लक्ष्मी मंदिर के महंत पं. शिव प्रसाद पांडेय लिंगिया महाराज ने बताया कि अष्टमी तिथि 18 सितंबर को दिन में 12:16 बजे लग गई। 16 दिनों तक व्रत रखने वाली महिलाओं ने आज से ही महालक्ष्मी व्रत शुरू कर दिया है। जबकि प्रथम और अंतिम दिन व्रत रखने वाली महिलाएं उदया तिथि में मान्य अष्टमी यानी 19 सितंबर को व्रत रखेंगी।