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बाराबंकी: सरयू के कटान से हेतमापुर में दहशत, 10 परिवारों ने तोड़े मकान

बाराबंकी: सरयू नदी का रौद्र रूप अब हेतमापुर गांव के लिए मुसीबत बनता जा रहा है। नदी में लगातार हो रहे तेज कटान से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। कटान की रफ्तार इतनी तेज है कि गांव के करीब 10 परिवार अपने मकान खाली कर उन्हें तोड़ने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते कटान नहीं रुका तो आने वाले दिनों में कई और मकान इसकी जद में आ सकते हैं। ग्रामीणों के मुताबिक सरयू नदी की धारा अब हेतमापुर की तरफ मुड़ गई है। नदी करीब 50 मीटर अंदर तक कटान करते हुए गांव की ओर बढ़ चुकी है। लगातार जमीन कटने से आबादी के साथ ही वर्षों पुरानी महत्वपूर्ण धरोहर और सरकारी भवन भी खतरे में आ गए हैं। कटान की जद में करीब 15 वर्ष पुराना हनुमान मंदिर और वर्षों पुराना दूरभाष केंद्र भी आ गया है। ग्रामीणों को आशंका है कि कटान इसी गति से जारी रहा तो दोनों का अस्तित्व भी खतरे में पड़ सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी की तेज धारा के सामने बाढ़ खंड की ओर से कटान रोकने के लिए अब तक कराए गए कार्य टिक नहीं पा रहे हैं। कटान रोकने के लिए लगाए गए बांस के कैरेट, बोरियां और अन्य इंतजाम नदी की तेज धारा में बह चुके हैं। इससे कटान और तेजी से आबादी की ओर बढ़ रहा है। हाल में हेतमापुर-केदारीपुर क्षेत्र में भी कटानरोधी इंतजामों के प्रभावी न होने की शिकायतें सामने आई हैं। घर बचाने की उम्मीद छोड़ी, ईंटें बचाने में जुटे परिवार कटान लगातार घरों की ओर बढ़ता देख प्रभावित परिवारों ने अपना सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है। कई परिवार मकान तोड़कर उसकी ईंटें और अन्य उपयोगी सामान निकाल रहे हैं, ताकि नदी की चपेट में आने से पहले कुछ संपत्ति बचाई जा सके। इससे गांव में भय और चिंता का माहौल है। ग्रामीणों का आरोप है कि बाढ़ खंड के अधिकारी कटान रोकने के लिए कोई ठोस और स्थायी कदम नहीं उठा रहे हैं। उनका कहना है कि हर साल कटान के दौरान अस्थायी इंतजाम किए जाते हैं, लेकिन तेज धारा के सामने ये ज्यादा देर नहीं टिकते। ग्रामीणों ने प्रशासन से नदी की धारा को आबादी की ओर बढ़ने से रोकने के लिए मजबूत कटानरोधी कार्य कराने और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराने की मांग की है। गौरतलब है कि सरयू का जलस्तर भी हाल के दिनों में खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है और बाराबंकी के तराई क्षेत्र में बाढ़ व कटान की स्थिति गंभीर बनी हुई है।

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