सीतापुर जिले में नदियां उफान पर हैं। जहां एक ओर सरायन के उफनाने से शहर का मुख्य कब्रिस्तान डूब गया है। वहीं, शहर की पॉश कालोनी केशव ग्रीन सिटी में लाखों करोड़ों के घरों में पानी घुस गया है। मंगलवार शाम नाराज लोगों ने हाइवे जाम कर प्रदर्शन किया। सरायन नदी के उफान ने शहर के मुख्य श्मशान घाट के पीछे स्थित कब्रिस्तान को भी अपनी चपेट में ले लिया है। नदी का पानी कब्रिस्तान परिसर में भर जाने से 200 से अधिक पुरानी और नई कब्रें जलमग्न हो गई हैं। पानी श्मशान घाट की दीवार तक पहुंच गया है। पितृपक्ष के दिनों में अपने पूर्वजों को याद करने कब्रों पर पहुंचने वाले लोगों को पानी भरा होने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कब्रों के डूबने का दृश्य देखकर लोगों की संवेदनाएं भी आहत हुई हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार कब्रिस्तान में कई कब्रें पूरी तरह पानी में डूब चुकी हैं। उनका कहना है कि यदि पानी लंबे समय तक इसी तरह भरा रहा तो हाल में दफन किए गए शवों के बाहर आने का खतरा भी बना हुआ है। इससे मृतकों की गरिमा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। स्थानीय निवासी संजय और विनोद ने बताया कि पितृपक्ष में बड़ी संख्या में लोग अपने पूर्वजों को याद करने के लिए कब्रिस्तान और आसपास के धार्मिक स्थलों पर पहुंचते हैं। लेकिन परिसर में पानी भरने के कारण लोग कब्रों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। उनका कहना है कि जलभराव से अंतिम संस्कार और दफन की व्यवस्थाएं भी प्रभावित हो रही हैं। गौरव ने आरोप लगाया कि श्मशान घाट के पीछे स्थित कब्रिस्तान का परिसर पहले काफी बड़ा था। उनके मुताबिक, आसपास अवैध रूप से प्लाटिंग किए जाने से कब्रिस्तान का क्षेत्र प्रभावित हुआ है। इससे पहले भी शवों को दफनाने के लिए जगह की समस्या सामने आती रही है। अब बाढ़ का पानी भर जाने से स्थिति और गंभीर हो गई है।