श्रावस्ती में तराई में रुक-रुक कर हुई झमाझम बारिश का दंश सबसे ज्यादा किसान झेल रहे हैं। खेत में धान की फसल गिरने व भारी मात्रा में बारिश का पानी भरा होने से किसानों को फसल खराब होने का खतरा सता रहा है। मौसम खुलने के बाद किसानों ने फसल बचाने की कवायद शुरू की है। कुछ किसान जहां खेत में लगी फसल काट कर नाली बनाकर पानी निकाल रहे हैं तो कुछ किसान पंपिंग सेट के सहारे खेत में भरा पानी निकाल रहे हैं। तराई में अर्नब तूफान के दौरान चली तेज हवा व मूसलाधार बारिश से हजारों किसानों की धान, मक्का व गन्ने की फसल गिर गई है। सबसे ज्यादा नुकसान धान की खेती करने वाले किसानों को हुआ है। खेत में लगभग कटने के लिए तैयार खड़ी धान की फसल तेज हवा से खेत में पसर गई है। वहीं, बीते दिनों हुई बारिश का पानी खेत में भर गया है, इससे किसानों को धान की फसल सड़ने का खतरा सताने लगा है। श्याम देवरिया गांव निवासी राजकुमार, राम बहादुर तिवारी, ननके, सुबराती, मनोज यादव आदि ने बताया कि धान की फसल पूरी तरह चौपट हो गई है। मजबूरन मेहनत से उगाई फसल को काटकर खेत के बीच नाली बनाकर पानी निकाल रहे हैं। किसानों ने बताया कि संपन्न किसान पंपिंग सेट के सहारे पानी निकाल रहे हैं। लेकिन इसमें भी समस्या आ रही है, क्योंकि आसपास सभी जगह पानी भरा हुआ है। किसानों ने बताया कि अगर समय से पानी नहीं निकाला गया तो धान की बालियां सड़ने लगेंगी। वहीं, बालियों में अंकुरण शुरू हो जाएगा और दाने काले हो जाएंगे। ऐसे में शासन-प्रशासन को किसानों की मदद करनी चाहिए। ताकि हमारी लागत व मेहनत का प्रतिफल मिल सके।