अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य मंगलवार को लखनऊ से प्रयागराज जाते समय सारस मोटल चौराहे पर रुके। इस दौरान जिला अध्यक्ष प्रेमचंद मौर्या सहित दर्जनों कार्यकर्ताओं ने उनका माला पहनाकर स्वागत किया। मीडिया से रूबरू होते हुए उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर टिप्पणी की। उन्होंने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के पीडीए पर भी अपनी बात रखी। स्वामी प्रसाद मौर्य ने सपाइयों के साथ पुलिस द्वारा हुई पिटाई पर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। पूर्व मंत्री ने कहा कि मु्ख्य चुनाव आयुक्त अपनी गरिमा और संविधानिक मर्यादा को ताक पर रखकर भाजपा के एजेंट के रूप में काम कर रहे है। यही कारण है कि देश की लोकतांत्रिक संस्था से लोगों को विश्वास उठ गया है। निर्वाचन आयोग की भूमिका संदिग्ध है और यहां तक की उनके बचाव में भाजपा के नेता जो बयानबाजी कर रहे हैं। जिससे स्पष्ट होता है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त भाजपा के एजेंट है। सपा के पीडीए पर कहा कि पार्टी के नेता ही पीडीए की परिभाषा नहीं जानते हैं। इससे कार्यकर्ता भी गुमराह होते हैं। इससे पार्टी की सुचिता घटती है। पीडीए की परिभाषा स्पष्ट कर लेनी चाहिए। एबीवीपी और सपा कार्यकर्ताओं के बीच हुए विवाद पर उन्होंने कहा कि विधायक के साथ जो मारपीट की गई थी, वह पुलिस की गुंडागर्दी है। जनप्रतिनिधियों के साथ मारपीट करना कतई उचित नहीं है। जनप्रतिनिधि इसलिए होता है कि वह सरकार के खिलाफ आवाज उठाए, यदि जनप्रतिनिधि को दबाया जाए तो लोकतंत्र की हत्या सरीखा होता है।