रायबरेली में खीरों-दृगपालगंज मार्ग पर उदवतखेड़ा मजरे जेरी के पास निर्माणाधीन बसहा नाला पुल के आवागमन के लिए बनाए गए बाईपास के ऊपर से पानी बहने के कारण रास्ता बंद हो गया है। इससे दृगपालगंज, जेरी, उदवतखेड़ा, रामपुर, मुस्तकीमगंज, तरवा बरवा, डुमटहर, लल्लाखेड़ा, अतरहर सहित कई गांवों के लोगों का ब्लॉक मुख्यालय खीरों, तहसील लालगंज, जिला मुख्यालय रायबरेली और राजधानी लखनऊ आने-जाने का संपर्क प्रभावित हो गया है। बाईपास के ऊपर पानी भर जाने से करीब दो दर्जन चार पहिया वाहन और बस सहित स्कूली वाहन भी बंद हो गए हैं। इससे बच्चों को विद्यालय आने-जाने में परेशानी हो रही है। कुछ अभिभावक निजी साधनों से बच्चों को स्कूल पहुंचा रहे हैं। इसके लिए उन्हें करीब पांच से दस किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। ग्रामीणों के अनुसार पड़ोसी जनपद उन्नाव की ओर से भी पानी आने के कारण नाले में बड़ी संख्या में मृत मछलियां बहकर आ रही हैं। इससे पानी दूषित होने के साथ काला और बदबूदार हो गया है। ग्रामीणों को संक्रमण और दुर्गंध से भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बाईपास डूबने से किसानों के सामने भी समस्या खड़ी हो गई है। तरवा बरवा के किसान बिंदादीन, मुस्तकीमगंज के असफाक व बीरेन्द्र और लल्लाखेड़ा के राजेंद्र ने बताया कि पानी बाईपास के ऊपर से बह रहा है। ऐसे में वे अपने खेतों की रखवाली करने के लिए भी नहीं जा पा रहे हैं। पीडब्ल्यूडी के अवर अभियंता गुल मोहम्मद ने बताया कि पुल का निर्माण कार्य शुरू होने से पहले बगल में बाईपास बनाकर पानी की निकासी के लिए ह्यूम पाइप डाली गई थी। अचानक हुई भारी बारिश के कारण पानी अधिक हो गया, जिससे आसपास जलभराव होने के साथ बाईपास भी डूब गया और पानी उसके ऊपर से बहने लगा। मजदूरों के रहने के लिए लगाया गया टेंट और निर्माण सामग्री भी पानी में डूब गई। निर्माण कार्य बंद कर मजदूर चले गए हैं। पानी कम होते ही बाईपास को ठीक कराकर आवागमन बहाल कराया जाएगा।