जिंदगी और मौत के बीच महज कुछ पलों का फासला था। चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश में एक यात्री का संतुलन बिगड़ा और वह ट्रेन के गेट से लटक गया। नीचे पटरी और तेजी से आगे बढ़ती ट्रेन को देख आसपास मौजूद लोगों की सांसें थम गईं। ऐसे नाजुक क्षण में आरपीएफ कांस्टेबल हरकेश मीना देवदूत बनकर सामने आए और अपनी जान की परवाह किए बिना यात्री को सुरक्षित खींच लिया। उनकी तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया। घटना 31 अगस्त की है। मथुरा जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर चार से ट्रेन संख्या 14726 मथुरा-भिवानी पैसेंजर रवाना हो रही थी। इसी दौरान पीछे के जनरल कोच में एक यात्री ने चलती ट्रेन में चढ़ने का प्रयास किया। पैर फिसलने से वह संतुलन खो बैठा और ट्रेन के गेट से लटक गया। एसीपी रोकथाम ड्यूटी में तैनात आरपीएफ कांस्टेबल हरकेश मीना ने खतरे को भांपते ही तत्काल यात्री को पकड़कर ट्रेन से सुरक्षित दूर खींच लिया। यात्री को कोई चोट नहीं आई, हालांकि वह घटना से बेहद घबरा गया था और अपना नाम-पता बताने की स्थिति में नहीं था। प्राथमिक उपचार से इनकार करने के बाद उसे सुरक्षित ट्रेन में बैठाकर गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया। आरपीएफ जवान की बहादुरी और कर्तव्यनिष्ठा की यात्रियों ने सराहना की। रेलवे ने यात्रियों से चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने का प्रयास न करने की अपील की है।