मथुरा। साड़ियों के कारोबार के लिए देशभर में पहचान रखने वाले मथुरा के कपड़ा कारोबार में अब एक और बड़ा बदलाव दस्तक दे रहा है। साड़ी की तर्ज पर अब लेडीज सूट के कारोबार को भी मथुरा में विकसित करने की तैयारी है। डिजिटल प्रिंटिंग तकनीक इस बदलाव की सबसे बड़ी वजह बन रही है। मथुरा में विदेश से करीब 1.20 करोड़ रुपये की लागत वाली डिजिटल प्रिंटिंग मशीन मंगाई गई है। यह मशीन व्हाइट कैटेगरी की है और इसकी खासियत प्रदूषण रहित तकनीक के साथ कम श्रमिकों में बड़े पैमाने पर उत्पादन करना है। अभी इस मशीन से चुनाव प्रचार सामग्री, धार्मिक एवं राजनीतिक झंडों समेत विभिन्न तरह की प्रिंटिंग का काम तेजी से किया जा रहा है। आने वाले दिनों में इसी तकनीक से साड़ी और लेडीज सूट की प्रिंटिंग का काम शुरू करने की तैयारी है। डिजिटल मशीन की मदद से घाघरा-चोली, राधे-राधे प्रिंटेड कुर्ते, बच्चों की धार्मिक ड्रेसेज और पटके तैयार किए जा सकते हैं। 100 साल पुराना है मथुरा में साड़ी प्रिंटिंग का कारोबार नेशनल चैंबर ऑफ कॉमर्स के निवर्तमान अध्यक्ष राजेश बजाज बताते हैं कि मथुरा में साड़ी प्रिंटिंग का इतिहास करीब 100 साल पुराना है। स्वतंत्रता प्राप्ति से पहले ही यहां साड़ियों के लगभग 25 कारखाने खुल चुके थे। उस दौर में लकड़ी के छापों से साड़ियों पर डिजाइन उकेरे जाते थे। उत्पादन की गति कम थी और एक दिन में सीमित संख्या में ही साड़ियां तैयार हो पाती थीं। हाथ से साड़ियों पर छपाई का यह सिलसिला करीब 1995 तक चला। इसके बाद तकनीक में बदलाव आया और कंप्यूटर आधारित डिजाइनिंग ने साड़ी कारोबार की तस्वीर बदलनी शुरू कर दी। आज एक दिन में 6-7 लाख साड़ियां बनाई जा रहीं है। वर्जन-- धार्मिक नगरी होने के कारण इन उत्पादों की स्थानीय मांग के साथ देश के दूसरे हिस्सों में भी मथुरा के प्रिंटेड उत्पादों की मांग रहती है। कारोबारियों के मुताबिक देश के किसी भी हिस्से से धार्मिक प्रिंटिंग से जुड़ी मांग आने पर मथुरा का नाम प्रमुखता से सामने आता है। लगभग पूरे उत्तर भारत में जब भी मथुरा का नाम आता है तोे गर्व होता है। तरुण अग्रवाल- कारोबारी समय समय पर चुनाव आते रहते हैं। इस मशीन से झंडे और पटके आदि बेहतर ढंग से बनाए जा सकते हैं। इसी मशीन की सहायता से हरियाणा राज्य के कृषि विभाग के लिए कपड़े की 25 लाख थैलियां छापी गईं थीं। खास बात यह भी कि सभी थैलियों पर अलग अलग बार कोड और क्यूआर स्कैनर भी छापा जाना था।