जिस तिरंगे की शान के लिए स्वतंत्रता सेनानियों और देशभक्तों ने अपनी जान न्योछावर कर दी, उस तिरंगे का इस स्वतंत्र भारत में सम्मान नहीं हो पा रहा। ऐसा इसलिए क्योंकि मैनपुरी के जिलाधिकारी कार्यालय के ऊपर लगा हुआ तिरंगा बारिश और आंधी की वजह से खराब हो गया था। उसका रंग फीका पड़ गया था, जबकि तिरंगे से संबंधित अधिनियम में कटा, फटा, धुंधला और खराब तिरंगा तत्काल हटा देना चाहिए। जिलाधिकारी डॉक्टर इंद्रमणि त्रिपाठी को जब इस बारे में पता पड़ा तो उन्होंने नाजिर रोहित दुबे को तिरंगा तत्काल बदलवाने के आदेश दिए। लेकिन जिलाधिकारी के आदेश को नाजिर विभाग ने सिरे से नकार दिया और 2 दिन बीतने के बाद भी तिरंगा बदला नहीं गया। जब बदरंग तिरंगे पर लोगों की नजर गई तो उन्होंने इसका विरोध किया। जिसके बाद जिलाधिकारी ने फिर से कड़े आदेश दिए और उसके बाद यह तिरंगा बदला गया। इससे यह साफ दिख रहा है कि जिलाधिकारी के आदेश और तिरंगे के सम्मान के लिए नाजिर विभाग कितना गंभीर है।