रविवार को छुट्टी का दिन होने के कारण नगर में गणेश महोत्सव की धूम अधिक रही। इस दौरान जगह-जगह गणेश शोभायात्राएं निकाली गईं वहीं गगनीखेड़ा झील के विसर्जन स्थल पर नगर और ग्रामीण क्षेत्र से मूर्ति विसर्जन करने के लिए सैकड़ों की संख्या में लोग यहां गाजे-बाजे के साथ पहुंच कर गणपति बप्पा को विदाई दी। सुबह से शाम के बीच छोटी-बड़ी मिलाकर कुल डेढ़ सौ मूर्तियों का विसर्जन झील में किया गया। इस दौरान सुरक्षा के पुख्ता बंदोंबस्त रहे। सुबह से ही नगर के पोनीरोड, बिंदानगर मार्ग, राजधानी मार्ग, मिश्रा कालोनी मार्ग, आजाद मार्ग, गंगा बैराज मार्ग समेत अन्य जगहों से गणेश मूर्तियों संग पिकप, लोडर आदि की मदद से लोगों ने शोभायात्राएं निकाली। इस दौरान डीजे और अबीर गुलाल के बीच लोगों ने जमकर डांस किया और गणपति बप्पा मोराया के जयकारे लगाए। सुबह से शाम तक छोटी-बड़ी मिलाकर कुल 150 मूर्तियों संग लोगों की भीड़ विसर्जन स्थल पर पहुंची और पूजा अर्चना कर क्रमावार नाव की मदद से मूर्तियों का विसर्जन पुलिस सुरक्षा के बीच किया गया। मौके पर रहे कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार सिंह ने बताया कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए विसर्जन स्थल पर 5 दरोगा, 10 महिला कांस्टेबल, 14 पुरूष कांस्टेबल व एक पीएसी की बटालियन मय मोटर बोट के साथ तैनात कराई गईं है। ईओ नगर पालिका गंगाघाट राजेश कुमार ने बताया कि एक नाव बढ़ाकर चार नाव, पांच गोताखोर, चार नाविक लगाए गए है साथ ही पालिका का कैंप भी मदद के लिए लगाया गया है। रविवार को सुरक्षा के चलते लेखपाल प्रशांत अवस्थी को भी तैनात किया गया।