द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) के बोर्ड ऑफ स्टडीज ऑपरेशंस की ओर से आयोजित सम्मेलन का समापन लखनपुर स्थित सभागार में हुआ। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि सीए प्रोफेशनल के कामकाज में तकनीक का इस्तेमाल लगातार बढ़ता जा रहा है। इससे प्रक्रियाएं आसान हुई हैं। हालांकि सत्यता की जांच आवश्यक है। सम्मेलन के दौरान विशेषज्ञों ने छात्रों को कराधान, व्यावसायिक कौशल, पूंजी बाजार और भारतीय अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर चर्चा की। सीए राजेश शर्मा, सीए अनुज गोयल, सीए अंकुर गोयल, सीए नितिन गुप्ता और सीए अंकित गुप्ता ने छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने छात्रों को लक्ष्य के प्रति समर्पित रहकर निरंतर प्रयास करने के लिए प्रेरित किया। कहा कि पेशेवर जीवन के लिए आवश्यक कौशल, व्यावहारिक ज्ञान और निरंतर सीखने का महत्व होता है। कानून के हर पहलू को जानना बेहद जरूरी होता है। इसमें तकनीक का इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि निर्णयों को इसमें शामिल करने से पहले उसके सही होने का प्रमाण आवश्यक होता है। बिना सटीकता के किसी भी निर्णय को ड्राफ्ट में शामिल करने से पहले उसकी सत्यता जांचनी जरूरी होती है। राहुल गुप्ता, लोमेश भट्ट, लक्ष्य विजय और शौर्य निगम ने वैश्विक मुद्रा व्यवस्था और भारतीय शेयर बाजार के रुझानों पर विचार प्रस्तुत किए। इस मौके पर पराग गुप्ता, यश जायसवाल, शिवांगी अग्रवाल, शिवांग बजाज, निखिल चंदनानी, वैभव कसूधन, शताक्षी शुक्ला, इकरा उमर अंसारी आदि थे।