ओंकारेश्वर सरस्वती विद्या निकेतन इंटर कॉलेज में रविवार को डॉ. गीता मिश्र स्मृति संगीत समारोह का आयोजन हुआ। यहां तबले, गिटार, सितार और अन्य वाद्य यंत्रों की संगत के साथ गायन, कथक और भरतनाट्यम की प्रस्तुति दी गई। शास्त्रीय संगीत पर जमकर तालियां बजीं। यह कार्यक्रम स्वरांजलि संगीत शिक्षण संस्थान, उप्र संगीत नाटक अकादमी लखनऊ और संस्कार भारती कानपुर प्रांत के सहयोग से हुआ। मुख्य अतिथि उप्र संगीत नाटक अकादमी के अध्यक्ष जयंत खोत ने कहा कि संगीत का मूल अनुशासन है। प्रकृति से लेकर जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में अनुशासन ही संगीत जैसा आनंद प्रदान करता है। झांसी के शास्त्रीय गायक समीर भालेराव और बांदा के लल्लू राम शुक्ल ने राग यमन कल्याण में विलंबित ख्याल कहे सखी कैसे के करिये...व छोटा ख्याल दर्शन दीजो शंकर महादेव तथा मिश्र पीलू में ठुमरी प्रस्तुत की। तबले पर अरविंद श्रीवास्तव और हारमोनियम पर मनोज श्रीवास्तव ने संगत की। आरएसएस के क्षेत्र प्रचार प्रमुख राजेंद्र सक्सेना ने डॉ. गीता मिश्र के व्यक्तित्व व कृतित्व से परिचित कराया। अध्यक्ष डॉ. अंगद सिंह, महानिदेशक डॉ. नीरजा अग्निहोत्री समेत अन्य अतिथियों ने कलाकारों को सम्मानित किया। डॉ. पूजा अवस्थी, राम मिलन सिंह, आकांक्षा जौहरी, शिवानी सिंह, डॉ. प्रेम कुमारी मिश्रा सहित अन्य मौजूद रहे।