फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बांसुरी वादक एवं पद्मश्री पं. रोनू मजूमदार को ‘संगीत रत्न’ की उपाधि से सम्मानित किया गया

विश्वविख्यात बांसुरी वादक एवं पद्मश्री पं. रोनू मजूमदार को गुरुकुल संगीत विद्यापीठ की ओर से ‘संगीत रत्न’ की उपाधि से सम्मानित किया गया। उन्हें सम्मान-पट्टिका, शॉल, स्मृति चिह्न और मेवों की माला भेंट की गई। इस दौरान उन्होंने संस्थान के विद्यार्थियों को आशीर्वाद देते हुए निरंतर अभ्यास, अनुशासन और समर्पण के साथ संगीत साधना करने की सीख दी। पं. रोनू मजूमदार ने भारतीय शास्त्रीय संगीत के प्रचार-प्रसार और नई पीढ़ी को संगीत की समृद्ध परंपरा से जोड़ने के लिए गुरुकुल संगीत विद्यापीठ के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि कानपुर के बच्चों में प्रतिभा की कमी नहीं है। सही प्रशिक्षण और मार्गदर्शन मिलने पर वे शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में उल्लेखनीय मुकाम हासिल कर सकते हैं। उन्होंने भविष्य में गुरुकुल आकर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करने का भी आश्वासन दिया। इस दौरान उन्होंने संस्थान के प्रधानाचार्य दिवाकर निगम के साथ अपने पुराने सांस्कृतिक जुड़ाव को भी याद किया। बताया कि पं. रविशंकर फाउंडेशन की ओर से आयोजित भारतगान उत्सव के ‘त्रिवेणी’ कार्यक्रम में दिवाकर निगम ने निर्देशन किया था। उन्होंने संगीत और सांस्कृतिक गतिविधियों के क्षेत्र में उनके प्रयासों की प्रशंसा की। पं. मजूमदार ने विद्यापीठ की निदेशिका कविता सिंह के संरक्षण और मार्गदर्शन में विद्यार्थियों को दिए जा रहे संगीत प्रशिक्षण की भी सराहना की। संस्थान के पदाधिकारियों ने बताया कि विद्यापीठ में शास्त्रीय संगीत के साथ भजन, लोकसंगीत और अन्य विधाओं का प्रशिक्षण देकर विद्यार्थियों को भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें