बार व लॉयर्स एसोसिएशन के अध्यक्षों व महामंत्रियों को शुक्रवार को हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में तलब किए जाने और बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं के लखनऊ पहुंचने की अपील के मद्देनजर अधिवक्ताओं की आमसभा में शुक्रवार को भी सामूहिक अवकाश का ऐलान कर दिया गया। तय हुआ कि अगर हाईकोर्ट की अनुशासन समिति अध्यक्षों-महामंत्रियों को उनके पद से हटाने का कोई आदेश देती है तो दोबारा आमसभा बुलाकर उन्हें पद पर बैठा दिया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट द्वारा हड़ताल या न्यायिक कार्य से विरत न रहने के अधिवक्ताओं को दिए गए आदेश के बावजूद कानपुर के अधिवक्ताओं द्वारा कार्य बहिष्कार किए जाने पर हाईकोर्ट की अनुशासन समिति ने बार व लॉयर्स एसोसिएशन के अध्यक्षों व महामंत्रियों को शुक्रवार को हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में तलब किया है। इस संबंध में पर विचार-विमर्श के लिए गुरुवार को बार एसोसिएशन हॉल में अधिवक्ताओं की आमसभा हुई। इसमें वक्ताओं ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान करते हुए हरहाल में संघर्ष जारी रखने की बात कही। हाईकोर्ट की कारण बताओ नोटिस में पूछा गया है कि क्यों न अध्यक्षों-महामंत्रियों को उनके पद से हटा दिया जाए। इस पर कहा गया कि दोनों संस्थाएं सोसाइटी रजिस्ट्रेशन अधिनियम के तहत पंजीकृत हैं। उनका अपना बाइलाज है जिसमें आमसभा को ही विशेषाधिकार है। अगर हाईकोर्ट अपदस्थ संबंधी ऐसा कोई आदेश करता है तो दोनों संस्थाओं की संयुक्त आमसभा बुलाकर चारों पदाधिकारियों को दोबारा उनके पदों पर पदस्थ कर दिया जाएगा। तय हुआ कि अध्यक्षों व महामंत्रियों के साथ बड़ी संख्या में अधिवक्ता भी लखनऊ जाएंगे लेकिन उनसे अनुशासन बनाए रखने की अपील भी संस्था की ओर से की गई है। आम सभा की अध्यक्षता बार एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेंद्र अवस्थी व संचालन महामंत्री बिनय कुमार मिश्रा ने किया। इस दौरान लायर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश चंद्र वर्मा व महामंत्री राजीव यादव ने मंच साझा किया।