संत समागम में शामिल होने झांसी आए हनुमान गढ़ी अयोध्या के संत एवं अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय महामंत्री महंत गौरीशंकर दास महाराज ने अमर उजाला से खास बातचीत की। उन्होंने कहा कि अयोध्या में रामराज्य की परिकल्पना साकार हो रही है और अयोध्या नित नई ऊंचाइयों को छू रही है। लेकिन, विधर्मियों से सतर्क रहने की अब भी आवश्यकता है। लोगों में बढ़ते तनाव को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि सनातन धर्म की ओर कदम बढ़ाने और भगवान का स्मरण करने से तनाव स्वतः दूर हो जाता है। सांसारिक जीवन में कुछ कमियां लगी ही रहती हैं। उन्होंने गोमाता के कार्य में मस्त रहने का आह्वान करते हुए साधुओं और दरिद्रों की सेवा करने पर भी जोर दिया। युवाओं को हनुमानजी का संदेश देते हुए महंत गौरीशंकर दास ने कहा कि युवाओं को हनुमान जी से तीन गुण सीखने चाहिए। वे ब्रह्मचर्य का पालन करें, गोमाता की सेवा करने और उनकी रक्षा के लिए सिपाही की तरह खड़े रहें। साथ ही सनातन धर्म को क्षति पहुंचाने वाले व्यक्तियों का प्रतिरोध करें। इसके अलावा महंत गौरीशंकर ने घर और सनातन धर्म की सुरक्षा को देश की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बताया। साथ ही प्रतिदिन मंदिर जाकर भगवान को प्रणाम करने और आने वाली पीढ़ी को सनातन धर्म सिखाने का आह्वान किया। बोले कि परमात्मा से कुछ कहने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि वह माता-पिता की तरह स्वयं सब जानते हैं।