गोंडा में गांधी पार्क में जिला स्तरीय सरस मेले के अंतिम दिन जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से उत्पाद खरीदे। उन्होंने समस्याएं सुनीं और बेहतर बाजार व सुविधाएं दिलाने के निर्देश दिए। तीन दिवसीय मेले पर तीन लाख रुपये खर्च हुए, पर ग्राहक कम रहे। ऊषा देवी जैसे समूह राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़कर 15 से 20 हजार रुपये मासिक कमा रहे हैं। परसपुर के समूह गोबर से मूर्तियां बनाते हैं, जिन्हें अयोध्या और नोएडा से 2 लाख मूर्तियों का ऑर्डर मिला है। इनसे जुड़ी 15 महिलाएं तीन से चार हजार रुपये मासिक कमाती हैं। महिलाओं ने प्रचार-प्रसार की कमी और भोजन-पानी न मिलने की शिकायत की। जिलाधिकारी ने सुविधाएं, प्रशिक्षण और बाजार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। स्वयं रोजगार उपायुक्त जेएन राव ने नवंबर में मंडल स्तरीय मेले के आयोजन की जानकारी दी।