उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर शनिवार सुबह करीब 11 बजे सिरसागंज तहसील परिसर में लेखपालों ने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। अपनी आठ सूत्रीय लंबित मांगों के समर्थन में लेखपालों ने समाधान दिवस का पूर्ण बहिष्कार करते हुए नारेबाजी की। धरने के दौरान उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की तहसील अध्यक्ष रेनू साहू ने कहा कि हमारी मुख्य मांगों में 10 वर्षों से लंबित 2800 ग्रेड पे की विसंगति को दूर करना, पिछले आठ वर्षों से रुके अंतरमंडलीय तबादलों की प्रक्रिया शुरू करना और वर्ष 2025-26 की पदोन्नति सूची जारी करना शामिल है। इसके अलावा ग्राम सचिवालयों में बिना बुनियादी सुविधाओं के लेखपालों की रोस्टर ड्यूटी का भी हम विरोध करते हैं। सरकार से हमारी मांग है कि जमीनी स्तर पर मेहनत करने वाले लेखपालों की जायज मांगों को अविलंब पूरा किया जाए। वहीं लेखपाल संघ के कुलदीप सिंह ने चरणबद्ध आंदोलन की जानकारी देते हुए बताया कि प्रांतीय नेतृत्व के निर्देशानुसार शनिवार को तहसील समाधान दिवस के बहिष्कार के साथ हमारा प्रथम चरण शुरू हुआ है। आठ अक्टूबर को लेखपाल सभी सरकारी व्हाट्सएप ग्रुप छोड़कर ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार करेंगे। 10 अक्टूबर को थाना समाधान दिवस में काली पट्टी बांधकर विरोध जताया जाएगा। इसके बाद 12 अक्टूबर को रक्तदान शिविर, 14 अक्टूबर को मोटरसाइकिल रैली तथा 17 और 23 अक्टूबर को तहसील पर धरना दिया जाएगा। यदि मांगें नहीं मानी गईं तो 24 अक्टूबर से जिला मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल और धरना शुरू होगा। प्रदर्शन के दौरान कुलदीप सिंह, प्रवीन कुमार, रेनू साहू, आशीष कुमार, रवींद्र बघेल, पारुल यादव, रिंशु जादौन, अवधेश यादव, सोमेश, जगत प्रकाश, उर्मिला, पारुल, नेहा और सैफल सहित बड़ी संख्या में लेखपाल मौजूद रहे।