नियमितीकरण व समान कार्य के लिए समान वेतन की मांग को लेकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा कर्मियों का हड़ताल जारी है। शुक्रवार को दूसरे दिन भी चिकित्सक व कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार करते हुए सीएमओ कार्यालय में धरना दिया। अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की। उत्तर प्रदेश एनएचएम के संविदा कर्मचारी संघ के आह्वान पर जिले में कार्यरत संविदा चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मी नियमितीकरण व समान कार्य के लिए समान वेतन की मांग पर अड़े हुए हैं। अपनी मांगों को लेकर कर्मचारी तीन दिवसीय हड़ताल कर रहे हैं। शुक्रवार को सुबह 11 बजे ही सैकड़ों की संख्या में चिकित्सक, सुपरवाइजर, स्टाफ नर्स, एलटी सहित अन्य संविदा कर्मचारी धरने पर पहुंच गए। पूरा दिन सीएमओ कार्यालय में बैठक कर धरना दिया। अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी भी की। संघ के जिलाध्यक्ष अविनाश विक्रम सिंह व महामंत्री अभिषेक तिवारी ने कहा कि एनएचएम के संविदा कर्मी 15-20 सालों से अपनी सेवा दे रहे हैं। कई राज्यों में 10 वर्ष तक सेवा करने वाले एनएचएम कर्मियों को नियमित करने की प्रक्रिया चल रही है। प्रदेश में भी यही व्यवस्था लागू की जानी चाहिए। कहा कि एनएचएम कर्मी नियमित कर्मियों की तरह काम करते हैं, इसलिए उन्हें समान कार्य के लिए समान वेतन दिया जाना चाहिए। इसके अलावा कैशलेश चिकित्सा सुविधा दिए जाने, महंगाई भत्ता व ग्रेच्युटी का लाभ दिए जाने, रिक्त पदों पर गैर जनपद स्थानांतरण नीति लागू किए जाने, अनुकंपा नियुक्ति का लाभ दिए जाने, आउटसोर्स कर्मियों का जिला स्वास्थ्य समिति में समायोजन व नियमित पदों की भर्तियों में विशेष कोटा निर्धारित किए जाने की मांग की जा रही है। धरना प्रदर्शन में डॉ. मोहसिन अली सिद्दीकी, डॉ. त्रिभुवन चौरसिया, राजेंद्र चौधरी, अवधेश कुमार सहित तमाम कर्मचारी मौजूद रहे।