राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत कार्यरत बैंक सखी और समूह सखियों ने मानदेय समेत विभिन्न मांगों को लेकर शुक्रवार को जिलाधिकारी को संबोधित पत्रक नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा। इस दौरान उन्होंने मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए अपनी समस्याओं के समाधान की मांग की। बैंक सखी और समूह सखियों ने कहा कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में निष्ठापूर्वक कार्य करते हुए घर-घर और ग्राम पंचायत स्तर पर बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इसके बावजूद उन्हें कार्य के अनुरूप मानदेय और सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। उन्होंने बैंक सखी और समूह सखियों को 18 से 22 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय देने की मांग की। साथ ही इंटरनेट, यात्रा, उपकरण, स्टेशनरी समेत अन्य कार्यों पर होने वाले खर्च के लिए व्यय भत्ता देने की मांग उठाई। उन्होंने सामाजिक और सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करने, महंगाई एवं कार्यभार के अनुसार समय-समय पर मानदेय और कमीशन में वृद्धि करने की भी मांग की। इसके अलावा सभी बैंक सखी और समूह सखियों को पहचान पत्र उपलब्ध कराने तथा मानदेय सीधे उनके बैंक खातों में भेजने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई। इस मौके पर पुष्पा देवी, रागिनी देवी, स्नेहा देवी, रानी देवी, सुशीला देवी, नीतू देवी, नेहा देवी आदि मौजूद रहीं।