बलिया जिले में बैरिया तहसील परिसर में अधिवक्ताओं का धरना सोमवार को सातवें दिन भी जारी रहा। अधिवक्ताओं का आरोप है कि इतने दिनों से धरना चलने के बावजूद कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचकर उनकी समस्याएं जानने तक नहीं आया। इससे अधिवक्ताओं में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। धरनारत अधिवक्ताओं ने तहसील के अधिकारियों पर मनमानी और स्वेच्छाचारिता का आरोप लगाया। उनका कहना है कि कई मामलों में पक्ष-विपक्ष की सहमति और अधिवक्ताओं के माध्यम से समुचित सुनवाई के बिना ही मुकदमों का निस्तारण किया जा रहा है। गायब न्यायालयों से पत्रावलियां प्राप्त करने के लिए भी प्रभावी प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि कई मुकदमों की पत्रावलियों से आपत्तियां और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य निकालकर फाड़ दिए जा रहे हैं तथा इसके बाद वादकारियों पर जबरन फैसला थोपा जा रहा है। उनका यह भी आरोप है कि बैरिया तहसील के पीठासीन अधिकारियों का इस तरह का आचरण सरकार की छवि को नुकसान पहुंचा रहा है।