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अयोध्या: हिंदी दिवस की पूर्व संध्या पर सरस काव्य गोष्ठी, कवियों ने हिंदी का किया गुणगान

आर्य समाज मंदिर रुदौली में हिंदी दिवस की पूर्व संध्या पर रविवार को सरस काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से हिंदी भाषा की महत्ता, गौरव और राष्ट्र निर्माण में उसके योगदान को रेखांकित किया। काव्य पाठ के दौरान श्रोताओं ने तालियों से कवियों का उत्साह बढ़ाया। कार्यक्रम का आयोजन सेवानिवृत्त शिक्षक कृष्णानंद गुप्त एवं विवेक कुमार गुप्त के संयोजन में हुआ। अध्यक्षता विंध्यवासिनी प्रसाद मिश्र 'चंचल' ने की, जबकि संचालन आशीष शर्मा ने किया। मुख्य अतिथि रुदौली के भाजपा विधायक रामचंद्र यादव ने मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर एवं माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कवि चंदा लाल राही ने मां सरस्वती की वंदना करते हुए कहा, "मन की वीणा के तार झंकृत करो मां, शब्द श्रद्धा सुमन कर लो स्वीकार मां।" वरिष्ठ साहित्यकार अशोक कुमार कौशल 'आशिक' ने हिंदी की महत्ता बताते हुए कहा, "कहीं बावरी सी दीवानी है हिंदी, कहानी पर तो झांसी की रानी है हिंदी। नरसिंह नारायण पांडेय 'चंचल बलरामपुरी' ने कहा, "यही तो जन्मभूमि है, यही कर्मभूमि है।" डॉ. मनोज कुमार कौशल ने हास्य रचना प्रस्तुत कर श्रोताओं को खूब गुदगुदाया। आयोजक कृष्णानंद गुप्त ने काव्य पाठ करते हुए कहा, "आई शुभ बेला है, हिंदी दिवस का मेला है। सुंदर सुहाना है, अतिशय लुभाना है।" संचालक आशीष शर्मा ने स्वदेशी और हिंदी के प्रति जागरूक करते हुए कहा, "कुछ स्वदेशी का भी गा कर लीजिए, अपना खोया हुआ नाम पा लीजिए।" कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विंध्यवासिनी प्रसाद मिश्र 'चंचल' ने हिंदी को भारत के स्वाभिमान और पहचान का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि हिंदी ज्ञान, सद्भाव, सहकार और राष्ट्र प्रेम की भावना को मजबूत करने वाली भाषा है। मुख्य अतिथि विधायक रामचंद्र यादव ने कहा कि समाज के निर्माण में हिंदी भाषा का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। हिंदी को आगे बढ़ाने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा। यह कार्य त्याग और समर्पण से ही संभव है। आर्य समाज के मंत्री सतींद्र प्रकाश शास्त्री ने लोगों से अधिक से अधिक देवनागरी लिपि के प्रयोग का आह्वान किया। काव्य गोष्ठी में कुमारी मान्या गुप्ता, विशाल त्रिपाठी, रामराज कनौजिया, कृष्ण कुमार अग्रवाल, आशीष पांडेय, विनोद कसौधन और कामेश मणि पाठक सहित अन्य कवियों ने काव्य पाठ किया। सभी ने हिंदी भाषा के संवर्धन और उन्नयन का संदेश दिया। इस मौके पर अशोक कुमार कसौधन, विवेक कुमार गुप्ता, शेखर गुप्ता, सुभाष चंद्र चौरसिया, प्रेम हरि आर्य, विनय कुमार मिश्रा, राहुल विनायक, तिलकराम, बृजेश धवन, शशिकांत मिश्र, सतीश वैश्य, सलिल प्रकाश, राजेश कुमार सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

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