अयोध्या: क्षेत्र में एक सप्ताह से हो रही लगातार बारिश के बाद मंगलवार रात तेज हवा चलने से किसानों की नगदी फसल कही जाने वाली गन्ने की फसल धराशायी हो गई। वहीं जिन धानों में फूल आने वाले हैं, उनके लिए भी यह मौसम नुकसानदेह साबित हो रहा है। लगातार बारिश से खेत हरे-भरे हो गए थे। गन्ने की फसल भी अच्छी खड़ी थी और धान भी बारिश के पानी से लहलहा उठा था, लेकिन मंगलवार रात तेज बारिश के बाद चली हवा से गन्ने की फसल गिरकर लोटपोट हो गई। किसानों का कहना है कि गन्ना गिर जाने से उसका विकास रुक जाता है, वजन कम होv जाता है जिससे बिक्री में भारी नुकसान होता है। इसी तरह जिन किसानों ने अगैती धान बोई थी, उसमें फूल निकलने को है। तेज हवा और यह मौसम उनके लिए भी घातक साबित हो रहा है। किसानों को भारी नुकसान की आशंका सता रही है। इस संबंध में कृषि विज्ञान केंद्र मसौधा के कृषि वैज्ञानिक डॉ. बीपी शाही ने बताया कि गन्ना अगर काफी बढ़ गया है तो उसकी बंधाई करा दें, जिससे वह गिरेगा नहीं। प्रजाति 13235 लंबी होती है। गिरने से थोड़ा वजन कम हो जाएगा, लेकिन अगर किसान सतर्क रहकर अभी भी बंधाई करा देंगे तो गन्ना गिरेगा नहीं और नुकसान नहीं होगा। जहां तक धान की फसल का सवाल है, जहां धान की फसल में गांभ में बाली आ गई है, वहां एनपीके 00:50 का एक हेक्टेयर में 150 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव कर दें। जहां फसल 50 से 55 दिन की हो गई है, वहां एनपीके 05:23:34 का प्रति एकड़ 150 लीटर पानी में छिड़काव कर दें तो अच्छी उपज मिलेगी।