अमेठी में शुक्रवार को स्कूल में बच्चों को रोजाना के मध्याह्न भोजन के साथ कुछ मीठा भी परोसा गया। थाली में हलवा देखते ही बच्चों के चेहरे खिल उठे। धनी जलालपुर विद्यालय में 103 बच्चों ने बड़े चाव से हलवा खाया। बच्चों की खुशी और उत्साह के बीच जिला समन्वयक मध्याह्न भोजन अरुण त्रिपाठी ने भी हलवा चखकर उसकी गुणवत्ता परखी। प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत जिले के सरकारी विद्यालयों में अतिरिक्त पौष्टिक नाश्ता देने की शुरुआत इसी के साथ हुई। इस व्यवस्था से जिले के 1651 विद्यालयों के 1.40 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं लाभान्वित होंगे। इनमें 1139 परिषदीय, 236 उच्च प्राथमिक, 197 कंपोजिट, 59 सहायता प्राप्त, 15 राजकीय और पांच मदरसा विद्यालय शामिल हैं। हर शुक्रवार को बच्चों को मध्याह्न भोजन के अलावा अलग व्यंजन परोसा जाएगा। तय मेन्यू के अनुसार महीने के पहले और तीसरे शुक्रवार को मीठा हलवा तथा दूसरे, चौथे और पांचवें शुक्रवार को नमकीन उपमा मिलेगा। प्रत्येक विद्यार्थी के लिए कम से कम 30 ग्राम सूजी निर्धारित की गई है। हलवे में सूजी, घी, चीनी और कसा हुआ नारियल इस्तेमाल होगा। उपमा में मौसमी सब्जियां, मूंगफली, तेल, नमक और मसाले डाले जाएंगे। नाश्ता बनाने और परोसने के एवज में रसोइयों को प्रति विद्यार्थी दो रुपये अतिरिक्त पारिश्रमिक मिलेगा। जिला समन्वयक अरुण त्रिपाठी ने बताया कि छह नवंबर से फरवरी 2027 के तीसरे सप्ताह तक पूरक पोषण आहार वितरित किया जाएगा। सभी संबंधित विद्यालयों को निर्धारित मेन्यू के अनुसार नाश्ता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। व्यवस्था का उद्देश्य बच्चों को अतिरिक्त पोषण देने के साथ उनके भोजन में विविधता लाना है।