आगरा इटावा स्टेट हाइवे पर बाह के छदामी मठ के पास शनिवार रात 9 बजे तेज रफ्तार वाहन ने मैनपुरी के दरवाह गांव (हाल निवासी बरुआ नगर बाह) के नाहर सिंह (60) एवं उनके भतीजे (मुंह बोला बेटा) नेकराम (55) को रौंद दिया था, जिससे दोनों की दर्दनाक मौत हो गई थी। मृतक की पत्नी सुदामा ने बताया कि पति नाहर सिंह एवं नेकराम एक दूसरे की परछाई थे। साथ खाते थे, काम करते थे और साथ में ही सोते थे। दोनों को मौत खींच ले गई। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद दोनों की बटेश्वर के मोक्षधाम में एक साथ चिताएं जली तो विदाई देने वाले भी बोल उठे कि मौत भी उनको अलग नहीं कर सकी। सुदामा और उसकी बेटी हेमा ने बताया कि बरुआ नगर के सुभाष उनको खेत पर चलने के लिए बुला कर ले गये थे। बारिश की बजह से रोकने की कोशिश की, लेकिन मौत उनको खींच ले गई। चाचा-भतीजे को अस्पताल में लाया गया। सुभाष के न मिलने पर तलाश की गई। शनिवार रात 11 बजे वह मेहरा पर सोते हुए मिले। घायल अवस्था में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बाह से उनको एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा के लिए रेफर कर दिया। पुलिस पूछताछ के बाद स्पष्ट हो सकेगा कि हादसा कैसे हुआ?