क्षमावाणी पर्व पर बाह में जलधारा के साथ जाने अनजाने में हुई गलती के लिए एक दूसरे से क्षमा मांगी। पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर बाह में रविवार को अभिषेक, पूजन एवं जलधारा के बाद हुए विधान में आचार्य रोहित शास्त्री ने कहा कि पुष्पों की सुगंध लो पर किसी को कांटे मत चुभाओ। हमें अपने जीवन से सभी तरह के बैर भाव-विरोध को मिटाकर प्रत्येक व्यक्ति से क्षमा मांगनी चाहिए। हमें अपनी पत्नी, बच्चों, बड़े-बुजुर्गों, पड़ोसी हो या हमारे मिलने-जुलने वाले सभी से क्षमा मांगना चाहिए। भजन कीर्तन पर जैन श्रद्धालु जमकर झूमे। इस दौरान बाह में अखिल जैन, महेश चन्द्र रपरिया, विनोद जैन, मनोज कुमार जैन, हर्षित जैन, मनीष जैन, अमित जैन, नवीन जैन, निक्कू जैन, दिनेश जैन, रौनक जैन, रचना जैन, अंजू जैन, ऊषा जैन, मंजू जैन आदि रहे।