रात के समय घर में सो रहे मां, बेटे और बेटी पर तेजाब फेंक दिया गया। पुलिस ने अपनी जांच नहीं की और तहरीर का हवाला देकर कल्लू को आरोपी बनाकर जेल भिजवा दिया। आरोपपत्र भी दाखिल कर दी। पता चलने पर पीड़ित परिवार ने कई जगह दौड़ लगाई लेकिन कुछ न होने पर अदालत में ऐसी गवाही दी कि पूरा मामला ही पलट गया। एडीजे-1 पुष्कर उपाध्याय ने दोनों नए आरोपियों को 15 सितंबर को तलब करने के आदेश दिए हैं।