राजधानी शिमला में तहबाजारियों ने नगर निगम महापौर सुरेंद्र चौहान से मुलाकात कर अपनी समस्याएं रखीं। इस दौरान उन्होंने कहा कि पिछले चार महीने से उनका कामकाज ठप पड़ा है और नगर निगम की ओर से उन्हें बसाने के लिए उचित व्यवस्था नहीं की जा रही है। महापौर से मुलाकात के दौरान तहबाजारियों ने नगर निगम की टीम की कार्रवाई पर नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि निगम की टीम की ओर से लूटपाट और गुंडागर्दी जैसी स्थिति पैदा की जा रही है। तहबाजारियों ने कहा कि लगातार काम बंद रहने से उनकी आजीविका प्रभावित हो रही है। तहबाजारियों ने नगर निगम से मांग की कि उन्हें उचित स्थान उपलब्ध करवाया जाए, ताकि वे दोबारा अपना कारोबार शुरू कर सकें। उनका कहना है कि चार महीने से काम ठप होने के कारण उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने महापौर से मामले में हस्तक्षेप कर जल्द समाधान निकालने और तहबाजारियों को व्यवस्थित तरीके से बसाने की मांग की।