जाखू रोपवे में आपात स्थिति के दौरान पर्यटकों और यात्रियों को सुरक्षित निकालने की तैयारियों को परखने के लिए बुधवार को जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की ओर से मॉकड्रिल आयोजित की गई। जिला राजस्व अधिकारी शिवानी भारद्वाज की अध्यक्षता में हुई इस ड्रिल में एनडीआरएफ, लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य विभाग समेत विभिन्न विभागों और आपातकालीन प्रतिक्रिया एजेंसियों ने भाग लिया। मॉकड्रिल के दौरान रोपवे के बीच में अचानक खराबी आने की स्थिति बनाई गई। इसमें रोपवे की ट्रॉली में दो पर्यटकों के फंसे होने की सूचना एनडीआरएफ टीम को दी गई। सूचना मिलते ही एनडीआरएफ की छह सदस्यीय टीम ने मौके पर पहुंचकर बचाव अभियान शुरू किया। करीब 200 मीटर दूर रोपवे की ट्रॉली में फंसे दोनों पर्यटकों को रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाला गया। जिला राजस्व अधिकारी शिवानी भारद्वाज ने कहा कि अभ्यास का उद्देश्य रोपवे से जुड़ी आपात स्थिति में विभिन्न विभागों की तैयारी, आपसी समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र को परखना है। मॉक ड्रिल के माध्यम से संचार व्यवस्था, बचाव एवं निकासी प्रक्रिया में संभावित कमियों की पहचान कर उन्हें दूर करने का प्रयास किया जाता है। साथ ही संबंधित कर्मियों को आपदा के दौरान उनकी भूमिकाओं और जिम्मेदारियों से परिचित कराया जाता है। उन्होंने बताया कि जाखू रोपवे में आपातकालीन तैयारियों के तहत वर्ष में दो बार इस तरह की मॉक ड्रिल आयोजित की जाती है। इसका उद्देश्य वास्तविक आपदा की स्थिति में पर्यटकों और यात्रियों की सुरक्षित एवं समयबद्ध निकासी सुनिश्चित करना है। जगसन कंपनी द्वारा संचालित जाखू रोपवे के प्रबंधक मदन शर्मा ने बताया कि रोपवे का सिस्टम बिजली के साथ जेनसेट से भी संचालित होता है। बिजली जाने की स्थिति में सिस्टम स्वत: जेनसेट पर शिफ्ट हो जाता है।