संगरूर जिले के दिड़बा क्षेत्र के गांव तूरबंजारा निवासी गुलजार सिंह की मौत के मामले में इंसाफ की मांग को लेकर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को डीसी ऑफिस, जालंधर के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान डीसी दफ्तर के गेट बंद कर दिए गए और मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। प्रदर्शन के दौरान कई कांग्रेस कार्यकर्ता गेट फांदकर अंदर जाने की कोशिश करते दिखाई दिए और गेट पर चढ़कर नारेबाजी की। हालांकि पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। गेट के दूसरी ओर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात रहे, जिसके चलते स्थिति नियंत्रण में रही। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले तूर बंजारा गांव में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के सामने 50 वर्षीय गुलजार सिंह ने नशे का मुद्दा उठाया था। इसके बाद पुलिस के गुलजार सिंह के घर पहुंचने की बात सामने आई और बाद में उन्होंने कथित तौर पर सल्फास खाकर जान दे दी। मामले में दिड़बा थाना पुलिस ने सरपंच समेत पांच लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने, कथित उत्पीड़न और एससी/एसटी एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया है। मामले की जांच के लिए एसआईटी भी गठित की गई है। प्रदर्शन के बाद विधायक सुखविंदर सिंह कोटली, लाडी शेरोवालिया और राजिंदर बेरी ने पुलिस अधिकारियों को मांग पत्र सौंपा। इस दौरान विधायक बावा हैनरी (अवतार सिंह जूनियर) ने कहा कि पंजाब भर में कांग्रेस पार्टी गुलजार सिंह के परिवार को इंसाफ दिलाने के लिए प्रदर्शन कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि परिवार पर दबाव बनाया जा रहा है। बावा हैनरी ने कहा कि पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ कार्रवाई की है, लेकिन कांग्रेस की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और सभी पहलुओं की जांच की जाए।