इलाज के लिए अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को अब पार्किंग में भी अतिरिक्त पैसे देने पड़ रहे हैं। जीएमसीएच-32 में निर्धारित 20 रुपये के बजाय 30 रुपये वसूले जाने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। हैरानी यह है कि अस्पताल के ज्वाइंट डायरेक्टर भी अधिक वसूली का शिकार हो चुके हैं, लेकिन पार्किंग में मनमानी का सिलसिला जारी है। ऐसे में आम लोगों के बीच यह नाराजगी बढ़ रही है कि आखिर उन्हें इस परेशानी से राहत कब मिलेगी। अस्पताल में मरीज डॉक्टर को दिखाने, जांच कराने या भर्ती परिजन की देखभाल के लिए पहुंचते हैं, लेकिन पार्किंग में निर्धारित शुल्क से अधिक रकम मांगे जाने की शिकायतें उनकी मुश्किलें बढ़ा रही हैं। लोगों का कहना है कि जब पार्किंग का निर्धारित शुल्क 20 रुपये है तो उनसे 30 रुपये क्यों लिए जा रहे हैं। अस्पताल में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों के लिए हर मिनट महत्वपूर्ण होता है। कई बार मरीज की हालत ऐसी होती है कि परिजन पार्किंग शुल्क को लेकर बहस करने के बजाय सीधे अस्पताल पहुंचना चाहते हैं। इसी मजबूरी में वे अतिरिक्त पैसे दे देते हैं। रोजाना अस्पताल आने वाले लोगों के लिए यह स्थिति और परेशान करने वाली है। लोगों की नाराजगी इस बात को लेकर भी है कि शिकायतों के बावजूद व्यवस्था में बदलाव नजर नहीं आ रहा। पार्किंग में अधिक वसूली का मामला इसलिए भी गंभीर है, क्योंकि अस्पताल के ज्वाइंट डायरेक्टर भी खुद इसका शिकार हो चुके हैं। इसके बावजूद आम लोगों को राहत नहीं मिलना अस्पताल प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। मरीजों और तीमारदारों का कहना है कि अस्पताल में इलाज कराने आने वाले लोगों को पार्किंग शुल्क के नाम पर अतिरिक्त रकम देने के लिए मजबूर नहीं होना चाहिए। निर्धारित शुल्क की स्पष्ट जानकारी और उसका पालन सुनिश्चित करना जरूरी है।