तरनतारन रोड के पास चाटीविंड गांव की नहर में पाड़ पड़ने से आसपास के रिहायशी इलाकों में पानी घुस गया। तेज बहाव के साथ पानी सड़कों और आबादी की ओर बढ़ने से लोगों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर प्रशासनिक टीमें मौके पर पहुंचीं और पानी के बहाव को नियंत्रित करने के प्रयास शुरू किए। नहर के पानी से साहिबजादा जुझार सिंह नगर और भाई मान सिंह रोड इलाके में जलभराव की स्थिति बन गई। स्थानीय निवासी सरदार कुलविंदर सिंह ने आरोप लगाया कि इलाके में पाइप डालने का काम चल रहा था। इसी दौरान नहर को नुकसान पहुंचा और पानी का रिसाव शुरू हो गया। उनका दावा है कि कई घंटे तक पानी बहने से कुछ घरों में घुटनों तक पानी भर गया और घरेलू सामान को नुकसान पहुंचा। मौके पर पहुंचे अमृतसर दक्षिणी के विधायक इंदरबीर सिंह निज्जर ने बताया कि सरफेस वाटर की नहर के नीचे बोर कर पाइप पुश करने का काम चल रहा था। इसी दौरान किसी स्थान पर नहर में पाड़ हो गया और पानी पाइपों के रास्ते आबादी की ओर आने लगा। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए नहर में पानी का स्तर कम किया गया है। निज्जर के अनुसार एलएंडटी की टीमों के साथ एडीसी, एसडीएम और बड़ी संख्या में सेवादार मौके पर मौजूद हैं। पाड़ को बंद करने के लिए मिट्टी से भरी बोरियां नहर में डाली जा रही हैं। इसके अलावा नेट मंगवाकर उनमें बोरियां बांधकर पाड़ वाली जगह पर डालने की तैयारी की जा रही है। अमृतसर के सांसद गुरजीत सिंह औजला ने बताया कि कोट मित्त सिंह के पास तरनतारन रोड पुल और सुल्तानविंड इलाके में पुराने समय की पाइपों या रास्तों के सही ढंग से बंद न होने के कारण पानी बाहर निकला। विकास कार्यों के दौरान मिट्टी हटने से इन रास्तों से पानी का बहाव बढ़ गया। फिलहाल प्रशासन और स्थानीय लोग मिलकर स्थिति नियंत्रित करने में जुटे हैं।