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उज्जैन: दशमी पर भस्म से सजे बाबा महाकाल, भांग से बनाया चंद्रमा और ॐ; दिव्य स्वरूप के दर्शन को उमड़े श्रद्धालु

Mon, 05 Oct 2026 07:33 AM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में आज अश्विन कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि सोमवार की सुबह 4 बजे हुई भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल का पंचामृत पूजन-अभिषेक कर आकर्षक श्रृंगार किया गया। श्रृंगार के बाद बाबा महाकाल को भस्म रमाई गई। इस दौरान भक्तों ने बाबा महाकाल के दिव्य दर्शनों का लाभ लिया और 'जय श्री महाकाल' के उद्घोष से मंदिर परिसर गूंज उठा।

विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि अश्विन कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि सोमवार को श्री महाकालेश्वर मंदिर में बाबा महाकाल का विशेष श्रृंगार किया गया। इस दौरान भस्म आरती के लिए सुबह 4 बजे मंदिर के पट खुलते ही पंडे-पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी भगवान की प्रतिमाओं का पूजन किया। इसके बाद भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया गया। दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से बने पंचामृत से भगवान का अभिषेक किया गया।

इसके बाद प्रथम घंटाल बजाकर हरि ओम का जल अर्पित किया गया। कपूर आरती के बाद बाबा महाकाल को चांदी का मुकुट और मुंड माला धारण करवाई गई। आज के श्रृंगार की विशेष बात यह रही कि दशमी के विशेष संयोग में बाबा महाकाल का भांग से चंद्रमा और ॐ से श्रृंगार किया गया।

आज बाबा महाकाल की भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के इस दिव्य स्वरूप के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया और बाबा महाकाल की भक्ति में लीन होकर 'जय श्री महाकाल' का उद्घोष करने लगे। मान्यता है कि भस्म अर्पित करने के बाद भगवान निराकार से साकार स्वरूप में दर्शन देते हैं।

आरती का समय भस्म आरती: सुबह 4:00 से 6:00 बजे तक दध्योदक आरती: सुबह 7:00 से 7:45 बजे तक भोग आरती: सुबह 10:00 से 10:45 बजे तक संध्या पूजन: शाम 5:00 से 5:45 बजे तक संध्या आरती: शाम 7:00 से 7:45 बजे तक शयन आरती: रात्रि 10:30 से 11:00 बजे तक
महाकालेश्वर मंदिर में आरतियों का यह संशोधित समय आश्विन मास की पूर्णिमा (शरद पूर्णिमा) तक प्रभावी रहेगा।

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