फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शिवपुरी: चार दिन की बारिश से मकान का आधा हिस्सा भरभराकर गिरा, तीन बाइकें दबीं; पांच लाख का नुकसान

Wed, 09 Sep 2026 04:04 PM IST
शिवपुरी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिवपुरी

शिवपुरी शहर में लगातार चार दिनों तक हुई तेज बारिश के बाद अब बारिश से हुए नुकसान की तस्वीरें सामने आने लगी हैं। शहर के नवाब साहब रोड पर एक मकान का करीब आधा हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया। मकान का छज्जा, बाथरूम और पीछे का हिस्सा गिरने से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। मकान का मलबा सड़क और आसपास के हिस्से में फैल गया।

हादसे के दौरान मकान के पास खड़ी तीन मोटरसाइकिलें भी मलबे की चपेट में आ गईं। तीनों बाइक मलबे में दबकर क्षतिग्रस्त हो गईं। स्थानीय स्तर पर इन तीनों मोटरसाइकिलों की कीमत करीब ढाई लाख रुपए बताई जा रही है। वहीं मकान के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत और दोबारा निर्माण में करीब ढाई लाख रुपए खर्च होने का अनुमान है। इस तरह मकान और वाहनों को मिलाकर कुल करीब 5 लाख रुपए के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।

मकान मालिक सुनील रजक के मुताबिक पिछले चार दिनों से लगातार हो रही तेज बारिश के कारण मकान का हिस्सा कमजोर हो गया था। अचानक मकान का बड़ा हिस्सा भरभराकर नीचे आ गिरा। देखते ही देखते मलबा आसपास फैल गया और घर का सामान भी उसके नीचे दब गया। परिवार को अचानक हुए इस हादसे से काफी नुकसान उठाना पड़ा है।

पढ़ें: खड़े हनुमान मंदिर पर बड़ा संकट?: गुजरात-महाराष्ट्र से उमड़ा भक्तों का सैलाब, पुजारी क्या बोले; देखें वीडियो
 
हालांकि इस हादसे में राहत की बात यह रही कि जिस समय मकान का हिस्सा गिरा, उस वक्त वहां कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था। इसके चलते बड़ा हादसा होने से टल गया और किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। मकान के हिस्से के गिरने की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। लोगों ने परिवार की मदद करते हुए मलबा हटाने का काम शुरू किया। हादसे के बाद प्रभावित परिवार के सामने मकान की मरम्मत के साथ-साथ क्षतिग्रस्त वाहनों को ठीक कराने की भी चुनौती खड़ी हो गई है।

परिवार ने प्रशासन से मौके का निरीक्षण कराने की मांग की है। साथ ही बारिश से हुए नुकसान का सरकारी स्तर पर आकलन कर नियमानुसार राहत और मुआवजा दिलाने की मांग की गई है। लगातार बारिश के बाद शिवपुरी में कमजोर और जर्जर मकानों को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। ऐसे में प्रशासन द्वारा संवेदनशील भवनों का निरीक्षण कर समय रहते जरूरी कदम उठाए जाने की जरूरत है, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें