खंडवा जिले के छोटे से ग्राम गांधवा से रिश्ता रखने वाले छात्र कोविद अजय गंगराडे ने वर्ल्ड स्किल कॉम्पटीशन 2026 में रजत पदक प्राप्त कर देश का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रौशन किया है। चीन के शंघाई में हुई इस प्रतियोगिता में 70 देशों के 1400 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था। वहीं इंडिया से भी अलग-अलग विधाओं के 70 प्रतिभागी इसमे शामिल होने पहुंचे थे। इन सभी प्रतिभागियों की सम्पूर्ण जवाबदेही निशुल्क मिनिस्ट्री ऑफ स्किल्स डेवलपमेंट द्वारा उठाई गई थी। इस प्रतियोगिता में कोविद को डिजिटल इंटरेक्टिव मीडिया के क्षेत्र में सेकंड पोजिशन आने पर सिल्वर मेडल प्राप्त हुआ है।
भारत के हिस्से 6 पोडियम मैडल
भारत से इस प्रतियोगिता में शामिल होने गए प्रतिभागियों में से 6 सदस्यों ने जहां पोडियम मेडल प्राप्त किए हैं, तो वहीं 20 अन्य प्रतिभागियों को एक्सीलेंस अवॉर्ड (4rth रेंक) मिला है। फिलहाल कोविद के पिता डॉ. अजय गंगराड़े और माता सुनीता गंगराड़े मुंबई के विद्याविहार विश्वविद्यालय में शिक्षक हैं। कोविद को डिजिटल इंटरेक्टिव मीडिया डिजाइन में बेहतरीन प्रदर्शन करने पर द्वितीय स्थान का रजत पदक मिला है। उनकी इस उपलब्धि पर प्रधानमंत्री से मिलने का निमंत्रण भी प्राप्त हुआ है। बता दें कि इसके पहले कोविद की बहन कोपल भी इस प्रतियोगिता में राष्ट्रीय स्तर पर अपना लोहा मनवा चुकी हैं। प्रत्येक दो साल में होने वाली इस प्रतियोगिता में उन्हें नेशनल स्तर पर गोल्ड मैडल प्राप्त हुआ था।
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महाराष्ट्र से पदक जीतने वाले इकलौते प्रतिभागी
बता दें कि, कोविद वर्तमान में मुंबई स्थित राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान में अभिकल्पना की पढ़ाई कर रहे हैं। उन्होंने महाराष्ट्र का प्रतिनिधित्व करते हुए यह रजत पदक हासिल किया है। वे महाराष्ट्र से इस प्रतियोगिता में पदक जीतने वाले एकमात्र प्रतिभागी रहे। कोविद की इस उपलब्धि के बाद राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से मुलाकात का कार्यक्रम तय किए जाने की जानकारी भी आई है। उन्हें 7 एवं 8 अक्टूबर को पीएमओ में प्रधानमंत्री के साथ मिलने बुलाया गया है। वहीं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के कार्यालय की ओर से भी उन्हें मुलाकात के लिए आमंत्रित किया गया है।
गांव की गलियों से अंतरराष्ट्रीय मंच तक
समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि कोविद मूल रूप से खंडवा जिले के पंधाना विकासखंड के गांधवा गांव के निवासी हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा कालमुखी-मातपुर जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में हुई। इसके बाद उच्च शिक्षा के लिए वे मुंबई पहुंचे। उनके पिता डॉ. अजय गंगराड़े और माता सुनीता गंगराड़े मुंबई की सोमैया विद्याविहार विश्वविद्यालय में प्राध्यापक हैं। ग्रामीण परिवेश से निकलकर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश के लिए पदक जीतना कोविद के परिवार और खंडवा जिले के लिए गौरव की उपलब्धि है।