मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को पांढुर्णा जिले के प्रवास पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने जिला विकास सलाहकार समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक ली, जिसमें जिले में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों और जनहितैषी योजनाओं की सघन समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी विकास कार्यों में गति लाई जाए और शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर पर बैठे आमजन को समय पर मिलना सुनिश्चित हो।
इस दौरे के दौरान मुख्यमंत्री का एक संवेदनशील रूप भी देखने को मिला। उन्होंने स्थानीय बच्चों और बुजुर्गों से आत्मीय संवाद किया और वृद्धजनों का सम्मान कर भारतीय संस्कृति के मूल मूल्यों को रेखांकित किया। डॉ. यादव ने पांढुर्णा की जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि इस नवगठित क्षेत्र के विकास में सरकार किसी भी तरह की कमी नहीं आने देगी। क्षेत्र की जनता की वास्तविक जरूरतों के आधार पर विकास कार्यों को प्राथमिकता से पूरा कराया जाएगा।
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कम बारिश वाले क्षेत्रों में फसल सर्वे के निर्देश
बैठक में किसानों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार किया गया। मुख्यमंत्री ने कम बारिश वाले क्षेत्रों को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए जिला कलेक्टर और प्रशासनिक अधिकारियों को तत्काल निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में पर्याप्त बारिश नहीं हुई है, वहां फसलों का त्वरित सर्वे कराया जाए। उन्होंने कहा कि इस सर्वे से नुकसान की वास्तविक और जमीनी स्थिति सामने आ सकेगी, जिसके आधार पर प्रभावित किसानों को नियमानुसार आवश्यक मुआवजा और राहत राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार पर जोर
रोजगार के मुद्दे पर युवाओं को भरोसा दिलाते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश में रोजगार के अवसरों की कोई कमी नहीं है। सरकार प्रदेश के युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसरों से जोड़ने के लिए लगातार नीतिगत प्रयास कर रही है। उनका मुख्य लक्ष्य प्रदेश के हर अंचल में औद्योगीकरण और कौशल विकास को बढ़ावा देना है, जिससे स्थानीय स्तर पर ही आजीविका के साधन उपलब्ध हो सकें। इस प्रकार, मुख्यमंत्री का यह पांढुर्णा दौरा क्षेत्र के चौमुखी विकास, किसानों की सुरक्षा और युवाओं के भविष्य को नई दिशा देने वाला साबित हुआ है।