सितंबर का आखिरी सप्ताह चल रहा है, लेकिन उत्तर भारत में मानसून की सक्रियता अभी भी बनी हुई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के अनुसार 28 सितंबर को उत्तर भारत के कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है।
उत्तर प्रदेश में मौसम सबसे ज्यादा सक्रिय रहने वाले क्षेत्रों में शामिल है। पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। पिछले 24 घंटों में पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की गई, जबकि पश्चिमी हिस्सों में भी भारी से बहुत भारी बारिश हुई। 28 सितंबर को कई जिलों में बारिश के साथ तेज हवाएं और गरज-चमक हो सकती है।
उत्तराखंड में 28 सितंबर को व्यापक बारिश के साथ आंधी, बिजली गिरने और कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। पहाड़ी इलाकों में मौसम ज्यादा चुनौतीपूर्ण रह सकता है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी सड़कों पर स्थानीय स्तर पर यातायात प्रभावित होने और भूस्खलन जैसी परिस्थितियों का खतरा बढ़ सकता है।
हिमाचल प्रदेश में भी सोमवार को बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य में 29 सितंबर तक बारिश की गतिविधि बनी रह सकती है, जिसके बाद इसकी तीव्रता कम होने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भी कुछ स्थानों पर बारिश तथा गरज-चमक देखने को मिल सकती है। राजौरी, बारामूला, गांदरबल, डोडा, कठुआ और सांबा जैसे इलाकों में मौसम खराब रहने की संभावना बताई गई है।
पंजाब में 28 सितंबर को कुछ स्थानों पर बारिश और आंधी की संभावना है। हरियाणा और चंडीगढ़ में भी कहीं-कहीं बारिश के साथ गरज-चमक तथा तेज हवाएं चल सकती हैं। IMD के अनुसार 28 और 29 सितंबर को इन क्षेत्रों में बिखरी हुई बारिश जारी रह सकती है।
दिल्ली-एनसीआर में सोमवार को आसमान बादलों से घिरा रहने और कुछ स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। तापमान सामान्य से नीचे रह सकता है। राजस्थान में भी कुछ हिस्सों में बारिश और गरज-चमक का दौर देखने को मिल सकता है, हालांकि पूरे राज्य में मौसम एक जैसा रहने की संभावना नहीं है।
कुल मिलाकर, 28 सितंबर को उत्तर भारत के पहाड़ी और मैदानी दोनों क्षेत्रों में मौसम सक्रिय रहेगा। खासकर उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में बारिश के साथ आंधी-बिजली को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। मौसम खराब होने के दौरान लोगों को खुले क्षेत्रों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखने तथा स्थानीय मौसम चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी जाती है।