धनतेरस और फेस्टिवल सीजन के चलते ऊना शहर में उमड़ी भारी भीड़ का असर यातायात व्यवस्था पर देखने को मिला। शहर के प्रमुख मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। ऊना-धर्मशाला, ऊना-चंडीगढ़ और ऊना-हमीरपुर मार्ग पर वाहन रेंगते रहे, जिससे वाहन चालकों और यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। जाम के चलते लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हालांकि कुछ समय बाद यातायात खुलने से लोगों ने राहत की सांस ली, लेकिन थोड़ी देर बाद फिर से रुक-रुककर जाम लगने लगा। यातायात व्यवस्था को लेकर एक और सवाल उस समय उठा, जब त्योहारों के दौरान सड़कों पर छोटे टिप्पर भी दौड़ते नजर आए। बताया गया कि प्रशासन की ओर से यातायात सुचारू बनाए रखने के लिए आदेश जारी किए गए थे, इसके बावजूद टिप्परों की आवाजाही जारी रही। पहले से ही वाहनों के बढ़े दबाव के बीच टिप्परों की आवाजाही ने यातायात की परेशानी को और बढ़ा दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि धनतेरस और अन्य त्योहारों के दौरान बाजारों तथा प्रमुख मार्गों पर वाहनों का दबाव बढ़ जाता है। ऐसे में प्रशासन और पुलिस को पहले से विशेष यातायात व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि लोगों को जाम की समस्या से राहत मिल सके। लोगों ने त्योहारों के दौरान ट्रैफिक प्रबंधन बेहतर बनाने और सड़क पर अनावश्यक दबाव कम करने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।