शारदीय नवरात्र के पहले दिन रविवार को शक्तिपीठ मां चिंतपूर्णी के दरबार में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। नवरात्र के आगाज के साथ ही मंदिर परिसर में रौनक लौट आई। सुबह से ही दर्शन के लिए लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने मां के दरबार में शीश नवाकर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। अनुमान के अनुसार, पहले नवरात्र पर करीब 35 हजार श्रद्धालुओं ने मां चिंतपूर्णी के दर्शन किए। दोपहर बाद हुई बारिश भी भक्तों की आस्था को डिगा नहीं पाई। बारिश के बीच भी श्रद्धालु मां के दर्शन के लिए कतारों में डटे रहे। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन को दर्शन व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष प्रबंध करने पड़े। कतारों को तेजी से आगे बढ़ाने और आम श्रद्धालुओं को परेशानी से बचाने के उद्देश्य से सुगम दर्शन पास व्यवस्था करीब दो घंटे तक बंद रखी गई। इस दौरान कतारों में खड़े श्रद्धालुओं को प्राथमिकता के आधार पर दर्शन करवाने और भीड़ नियंत्रित करने पर ध्यान दिया गया, ताकि अधिक से अधिक भक्त सुविधाजनक तरीके से मां के दर्शन कर सकें। मंदिर अधिकारी संजीव प्रभाकर ने बताया कि शारदीय नवरात्र के पहले दिन मां चिंतपूर्णी के दरबार में करीब 35 हजार श्रद्धालुओं ने माथा टेका। श्रद्धालुओं की अधिक संख्या को देखते हुए दर्शन व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए कुछ घंटों तक सुगम दर्शन पास व्यवस्था बंद रखी गई, ताकि कतारों में खड़े लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े। पहले नवरात्र पर उमड़ी भीड़ के कारण चिंतपूर्णी मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में दिनभर भक्तिमय माहौल बना रहा।