ऐतिहासिक नाहन शहर के लोगों को आने वाले समय में सातों दिन और 24 घंटे नल से पानी उपलब्ध करवाने की तैयारी शुरू हो गई है। जल शक्ति विभाग ने इंटरनेट ऑफ थिंग्स यानी IoT तकनीक पर आधारित पेयजल आपूर्ति योजना के लिए करीब 10 करोड़ रुपये का टेंडर किया है और इसका काम धरातल पर शुरू हो चुका है। योजना के पहले चरण में वार्ड नंबर-5 को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चुना गया है। विभाग इस वार्ड में परियोजना को लागू करने के बाद इसके परिणामों का आकलन करेगा। यदि पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है तो नाहन शहर के बाकी 12 वार्डों में भी इसी व्यवस्था को लागू करने की योजना है। विभाग ने वार्ड-5 में परियोजना का काम पूरा करने के लिए 31 मार्च 2027 की समयसीमा निर्धारित की है। काम पूरा होने के बाद इस वार्ड के उपभोक्ताओं के लिए दिन-रात नल से पानी उपलब्ध करवाने की व्यवस्था तैयार हो सकेगी। वर्तमान में नाहन शहर में गिरि, नैहरस्वार और खैरी तीन मुख्य योजनाओं से पेयजल आपूर्ति होती है। इनमें गिरि उठाऊ पेयजल योजना के तहत सबसे अधिक पानी की आपूर्ति की जा रही है। मौजूदा व्यवस्था में लोगों को पानी की आपूर्ति के निर्धारित समय पर निर्भर रहना पड़ता है। ऐसे में पर्याप्त पानी के लिए कई परिवारों को घरों में टंकियों और अन्य भंडारण साधनों का सहारा लेना पड़ता है। यदि 24 घंटे पानी की आपूर्ति की व्यवस्था लागू होती है तो लोगों को पानी आने के निर्धारित समय का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इससे खासकर नौकरीपेशा लोगों, बुजुर्गों और ऐसे परिवारों को सुविधा मिल सकती है, जिनके लिए निर्धारित समय पर पानी भरना मुश्किल होता है। लगातार आपूर्ति होने की स्थिति में घरों में बड़ी मात्रा में पानी जमा करने की जरूरत भी कम हो सकती है। करीब 10 करोड़ रुपये के टेंडर में पुरानी और खराब पाइपलाइनों को बदलने के साथ नई पाइपलाइन बिछाने और पेयजल वितरण तंत्र को दुरुस्त करने के काम शामिल हैं। इसके साथ ही आधुनिक तकनीक के जरिए पानी की आपूर्ति और पूरे नेटवर्क की निगरानी व्यवस्था को बेहतर बनाया जाएगा। इसका उद्देश्य केवल पानी की उपलब्धता बढ़ाना नहीं, बल्कि वितरण प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाना भी है। इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) ऐसी तकनीक है, जिसमें पानी की आपूर्ति से जुड़े उपकरण और सेंसर इंटरनेट के माध्यम से आपस में जुड़े रहते हैं। इनके जरिए पानी का प्रवाह, दबाव, टंकी का स्तर और आपूर्ति से जुड़ी स्थिति जैसी जानकारियां वास्तविक समय में प्राप्त की जा सकती हैं। किसी पाइपलाइन में दबाव कम होने, रिसाव होने या पानी की आपूर्ति में किसी तरह की असामान्यता आने पर इसकी जानकारी निगरानी तंत्र तक पहुंच सकती है। इससे विभाग को समस्या की पहचान करने और समय रहते कार्रवाई करने में मदद मिलेगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य पानी की बर्बादी और लीकेज पर नियंत्रण, पेयजल नेटवर्क की बेहतर निगरानी और उपभोक्ताओं तक बेहतर जल वितरण सुनिश्चित करना भी है। वार्ड-5 में पायलट प्रोजेक्ट के परिणाम आने के बाद इसके आधार पर नाहन शहर के शेष 12 वार्डों में योजना के विस्तार का रास्ता साफ होगा। यानी वार्ड-5 का अनुभव शहर में 24 घंटे पेयजल आपूर्ति की पूरी व्यवस्था लागू करने के लिए महत्वपूर्ण रहेगा। जल शक्ति विभाग सिरमौर के अधीक्षण अभियंता ई. राजीव महाजन ने कहा कि शहर में सातों दिन और 24 घंटे पानी उपलब्ध करवाने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वार्ड नंबर-5 को पायलट प्रोजेक्ट के तहत चुना गया है और काम शुरू कर दिया गया है। यदि यहां सफलता मिलती है तो शेष 12 वार्डों में भी यह सुविधा शहरवासियों को दी जाएगी।