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रामपुर बुशहर: 12 करोड़ की मंडी, नौ साल में बना सिर्फ बेसमेंट, बागवानों का इंतजार बरकरार

बागवानों को आधुनिक मंडी की सुविधा देने का नौ साल पुराना सपना अब भी अधूरा है। डकोलढ़ में करीब 12 करोड़ रुपये की लागत से 1.95 हेक्टेयर भूमि पर प्रस्तावित आधुनिक सब्जी मंडी का निर्माण बेसमेंट से आगे नहीं बढ़ पाया है। बजट के अभाव में निर्माण कार्य ठप पड़ा है। ऐसे में शिमला, किन्नौर, कुल्लू और मंडी जिलों के बागवान आधुनिक मंडी की सुविधा के लिए आज भी इंतजार कर रहे हैं। डकोलढ़ में मंडी निर्माण के लिए एपीएमसी ने पहले चरण में करीब 2 करोड़ रुपये का टेंडर अवॉर्ड कर बेसमेंट का काम शुरू करवाया था। बेसमेंट तैयार होने के बाद आगे के निर्माण के लिए बजट उपलब्ध नहीं होने से काम रुक गया। करीब 12 करोड़ रुपये की पूरी परियोजना के मुकाबले अब तक निर्माण का एक सीमित हिस्सा ही जमीन पर नजर आ रहा है। आधुनिक सब्जी मंडी की आधारशिला वर्ष 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने रखी थी। उस समय बागवानों को उम्मीद थी कि क्षेत्र में फल और सब्जी उत्पादों के विपणन के लिए आधुनिक एवं व्यवस्थित सुविधा उपलब्ध होगी, लेकिन करीब नौ साल बाद भी योजना पूरी नहीं हो सकी है। मंडी बनने से शिमला, किन्नौर, कुल्लू और मंडी जिलों के बागवानों को अपनी उपज बेचने के लिए बेहतर बाजार सुविधा मिलने की उम्मीद है। क्षेत्र में सेब, सब्जियों और अन्य नकदी फसलों का बड़े स्तर पर उत्पादन होता है। प्रगतिशील बागवान सुनील चौहान, दुष्यंत मेहता, प्रेम चौहान, दिनेश कुमार, तुला राम, प्रेम राज और भूपेश नेगी समेत अन्य लोगों ने सरकार से पर्याप्त बजट जारी कर निर्माण कार्य जल्द शुरू करवाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि परियोजना में हो रही देरी से बागवानों को आधुनिक मंडी सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उधर, एसडीएम रामपुर हर्ष अमरेंद्र सिंह ने कहा कि एपीएमसी के क्षेत्रीय प्रभारी से पांच दिन के भीतर सब्जी मंडी की वर्तमान स्थिति, प्रस्तावित दूसरे चरण का निर्माण, बजट की जरूरत और आगे की कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।

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