पक्का घर हर परिवार का सपना होता है, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण गरीब परिवारों के लिए यह सपना लंबे समय तक अधूरा रह जाता है। सरकाघाट उपमंडल में स्वर्ण जयंती आश्रय योजना ऐसे ही जरूरतमंद परिवारों के लिए उम्मीद की किरण बनी है। वित्तीय वर्ष 2023 से 2026 तक योजना के तहत 51 पात्र परिवारों को मकान निर्माण के लिए डेढ़-डेढ़ लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई। कुल 76.50 लाख रुपये की मदद से कई परिवार कच्चे और जर्जर मकानों से निकलकर पक्के घरों में पहुंच चुके हैं। योजना के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के ऐसे परिवार पात्र हैं, जिनकी वार्षिक आय 50 हजार रुपये से अधिक नहीं है और मकान निर्माण के लिए उनके नाम भूमि उपलब्ध है। सैण गांव के साजू राम बताते हैं कि उनका पुराना मकान जर्जर हो चुका था। पंचायत से योजना की जानकारी मिलने के बाद आवेदन किया और डेढ़ लाख रुपये की सहायता से दो कमरों का पक्का मकान तैयार करवाया। अब परिवार सुरक्षित घर में रह रहा है। बाग गांव के संतोष कुमार को भी योजना के तहत सहायता मिली। इससे उनका पक्का मकान तैयार हो गया। वहीं रसवान गांव के दिहाड़ी मजदूर सोनू कुमार के लिए भी यह सहायता बड़ी राहत बनी। जर्जर मकान की जगह अब उनका नया आशियाना तैयार है।