मंडी संसदीय क्षेत्र की सांसद कंगना रनौत की ओर से सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को फटकार लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। सोशल मीडिया पर कथित वीडियो वायरल होने के बाद अब इसे लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के राज्यसभा सांसद अनुराग शर्मा ने कंगना रनौत के कथित बयान की कड़ी निंदा करते हुए उनसे सार्वजनिक मंच पर माफी मांगने की मांग की है। सोमवार को जोगिंदरनगर के एक दिवसीय प्रवास के दौरान अनुराग शर्मा ने कहा कि सरकारी अधिकारी और कर्मचारी प्रदेश में विकासात्मक कार्यों की रीढ़ हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सार्वजनिक मंच पर अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रति अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करने से उनका मनोबल प्रभावित होता है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को अपनी गरिमा और संयम बनाए रखना चाहिए। अनुराग शर्मा ने कंगना रनौत को अपनी भाषा शैली में सुधार करने की नसीहत देते हुए कहा कि अधिकारियों और कर्मचारियों के सम्मान से समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई किए जाने की भी मांग उठाई। राज्यसभा सांसद ने संसदीय क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए आवंटित बजट के इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि पिछले दो वर्षों में करोड़ों रुपये का बजट खर्च नहीं हो पाया है तो इसके लिए सांसद की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठते हैं। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में जनप्रतिनिधियों के साथ अधिकारी और कर्मचारी भी मिलकर काम करते हैं। ऐसे में किसी एक पक्ष को विकास कार्यों में देरी के लिए जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। जोगिंदरनगर पहुंचने पर स्थानीय व्यापार मंडल और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अनुराग शर्मा का स्वागत किया। कांग्रेस नेता जीवन ठाकुर ने उन्हें शॉल और टोपी भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान नगर परिषद अध्यक्ष संतोष कुमार और उपाध्यक्ष प्यार चंद वालिया ने शहरी क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए बजट का प्रावधान करने की मांग रखी। मौके पर एसडीएम मनीश चौधरी और थाना प्रभारी रणजीत सिंह भी मौजूद रहे।