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Mandi: धर्मपुर के चोलगढ़ स्कूल में शिक्षक नहीं, 14 पद खाली; सड़क-बस सेवाओं पर भी उठे सवाल

Ankesh Dogra Updated Thu, 27 Aug 2026 10:32 AM IST

मंडी जिले के धर्मपुर क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और परिवहन सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को लेकर हिमाचल किसान सभा ने आवाज बुलंद की है। सभा की ओर से टोरखोला, कून और देवगढ़ पंचायतों में बैठकें आयोजित कर ग्रामीणों की समस्याएं सुनी गईं। इस दौरान पंचायत स्तर पर नई कमेटियों का गठन भी किया गया। सभा के जनसंपर्क अभियान के दौरान देवगढ़ पंचायत के चोलगढ़ प्राथमिक स्कूल में नियमित शिक्षक न होने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। किसान सभा के अनुसार कुजाबल्ह स्कूल में तैनात एक शिक्षक को सप्ताह में दो दिन चोलगढ़ भेजकर फिलहाल पढ़ाई की व्यवस्था की जा रही है। किसान सभा ने दावा किया कि मिडिल स्कूल चोलगढ़ में तीन शिक्षकों के पद खाली हैं। वहीं कुजाबल्ह स्कूल में शिक्षकों के साथ-साथ अन्य कर्मचारियों के कुल 14 पद रिक्त बताए गए हैं। सभा नेताओं ने कहा कि ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाना आसान नहीं है। ऐसे में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के पद खाली रहने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने सरकार से रिक्त पदों को जल्द भरने की मांग की। बैठकों में ग्रामीण सड़कों की खराब स्थिति और परिवहन व्यवस्था को लेकर भी लोगों ने नाराजगी जताई। किसान सभा का आरोप है कि क्षेत्र की कई सड़कें लंबे समय से जर्जर हालत में हैं और करीब चार साल से कई मार्गों पर टारिंग नहीं हुई है। ग्रामीणों के अनुसार सड़कें खराब होने के कारण आवाजाही में परेशानी हो रही है। वहीं करीब आधा दर्जन बस रूट बंद होने की बात भी बैठक में सामने रखी गई। जो बस सेवाएं संचालित हो रही हैं, उनमें भी बार-बार खराबी आने का आरोप लगाया गया। बस सेवाओं की कमी के चलते लोगों को जरूरी कामों के लिए महंगी टैक्सियों पर निर्भर होना पड़ रहा है। किसान सभा ने बंद बस रूटों को दोबारा शुरू करने और सड़कों की मरम्मत व टारिंग करवाने की मांग की। ग्रामीणों ने चोलगढ़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में दो डॉक्टरों की नियुक्ति करने की मांग भी रखी। इसके अलावा स्वास्थ्य केंद्र में जांच और एक्स-रे की सुविधा उपलब्ध करवाने की मांग की गई। देवगढ़ में पशु चिकित्सा उपकेंद्र खोलने तथा लखरेहड़ केंद्र में नियमित फार्मासिस्ट की नियुक्ति की मांग भी बैठक में उठी। कून पंचायत में आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी में डॉक्टर की नियुक्ति, पशु चिकित्सालय में नियमित फार्मासिस्ट की तैनाती और कून-कक्कड़ सड़क व पुल पर यातायात बहाल करने की मांग की गई। अनुसूचित जाति बस्ती की सड़क की मरम्मत का मुद्दा भी उठाया गया। वहीं टोरखोला पंचायत में स्कूलों में खाली पद भरने, पंचायत भवन का निर्माण करने और भड़ोत व लंबर लिंक मार्गों को पक्का करने की मांग सामने आई। इसके अलावा बंद पड़े बस रूटों को बहाल करने की मांग भी की गई। किसान सभा की बैठकों के दौरान तीनों पंचायतों में नई पंचायत स्तरीय कमेटियों का गठन किया गया। सभा ने निर्णय लिया कि क्षेत्र की समस्याओं को लेकर जल्द आंदोलन शुरू किया जाएगा। आंदोलन की आगामी रणनीति पांच सितंबर को सजाओपीपलू में होने वाले खंड सम्मेलन में तय की जाएगी। किसान सभा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर संघर्ष जारी रखा जाएगा।

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