धर्मपुर उपमंडल में बंद बस रूटों को बहाल करने समेत विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर हिमाचल किसान सभा क्षेत्रीय कमेटी सज्याओपिपलू ने बुधवार को एसडीएम धर्मपुर को 21 सूत्री मांगपत्र सौंपा। किसान सभा ने प्रशासन को 15 दिन का समय देते हुए कहा कि इस अवधि में बंद बस रूट बहाल नहीं किए गए तो अक्तूबर से बस सत्याग्रह शुरू किया जाएगा। किसान सभा के खंड संयोजक एवं पूर्व जिला पार्षद भूपेंद्र सिंह ने कहा कि धर्मपुर क्षेत्र में करीब दो दर्जन बस रूट बंद पड़े हैं। इनमें सज्याओ, डरवाड़, गरली, रोसो, पिपली, अंसवाई, बिंगा और सरी की ओर जाने वाले करीब एक दर्जन रूट भी शामिल हैं। बस सेवाएं बंद होने से ग्रामीणों को रोजमर्रा के काम, अस्पताल, शिक्षण संस्थानों और बाजारों तक पहुंचने में परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि निजी वाहन या टैक्सी का खर्च वहन करना हर परिवार के लिए संभव नहीं है। ऐसे में बस सेवा बंद होने का सबसे अधिक असर ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों पर पड़ रहा है। किसान सभा ने सभी बंद रूटों को तुरंत बहाल करने की मांग की है। मांगपत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को भी प्रमुखता से उठाया गया। भूपेंद्र सिंह ने कहा कि सज्याओ, डरवाड़ और मढ़ी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के अलावा धर्मपुर अस्पताल में भी एक्सरे सुविधा उपलब्ध नहीं है। इससे मरीजों को सामान्य जांच के लिए भी दूर-दराज के अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। किसान सभा ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में एक्सरे और लैब सुविधा शुरू करने तथा धर्मपुर अस्पताल में अल्ट्रासाउंड सुविधा उपलब्ध करवाने की मांग की। सभा का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उनके नजदीक मिलनी चाहिए, ताकि उन्हें समय और धन दोनों की बचत हो सके। किसान सभा ने क्षेत्र की कई सड़कों की मरम्मत और बहाली की मांग भी उठाई। इनमें सरी-अंसवाई, गरली-साहन, घरवासड़ा-कंचना-पूरी-टिहरा, छतरेणा, रोसो-धनराशि और सरी-शेरपुर सड़कें शामिल हैं। इसके अलावा पाड़छु पुल समेत राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े अधूरे कार्यों को जल्द पूरा करने की मांग की गई। सभा ने कहा कि सड़क और पुलों के अधूरे कार्यों के कारण ग्रामीणों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के दौरान इन समस्याओं के और गंभीर होने की आशंका बनी रहती है। 21 सूत्री मांगपत्र में बंदरों, जंगली सुअरों और आवारा पशुओं की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग भी शामिल है। किसान सभा ने कहा कि इनसे किसानों की फसलों को नुकसान पहुंच रहा है और ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी रहती है। सभा ने मलकियत भूमि पर पेड़ काटने से संबंधित प्रतिबंध हटाने, सिंचाई योजनाओं के माध्यम से किसानों को पर्याप्त पानी उपलब्ध करवाने और ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि से जुड़ी सुविधाओं को मजबूत करने की मांग की। स्कूलों में शिक्षक और विभागों में अधिकारियों के पद भरने की मांग किसान सभा ने सरकारी स्कूलों में रिक्त शिक्षक पदों को भरने की मांग की। इसके साथ ही क्षेत्र में कृषि प्रसार अधिकारी की नियुक्ति करने की भी मांग रखी गई, ताकि किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, सरकारी योजनाओं और फसल संबंधी समस्याओं के समाधान में मदद मिल सके। मांगपत्र में पशु चिकित्सालय और जल शक्ति विभाग के निर्माणाधीन भवनों को जल्द पूरा करने की मांग भी की गई। सभा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में विभागीय सेवाओं के लिए आधारभूत ढांचा मजबूत करना जरूरी है। भूपेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि यदि 15 दिन के भीतर बंद बस रूट बहाल नहीं किए गए तो अक्तूबर से बस सत्याग्रह शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सत्याग्रह के दौरान बस सेवाओं के साथ-साथ स्वास्थ्य केंद्रों में एक्सरे और लैब सुविधा तथा धर्मपुर अस्पताल में अल्ट्रासाउंड शुरू करने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया जाएगा। किसान सभा ने प्रशासन से मांगों पर शीघ्र कार्रवाई करने और ग्रामीणों को राहत देने की अपील की है।