लाहौल घाटी में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। घाटी में सुबह से रुक-रुक कर बारिश और हल्की बर्फबारी हो रही है। मौसम के इस बदलाव से तापमान में गिरावट आई है और ठंड बढ़ गई है। वहीं, सेब की फसल तैयार होने के बीच खराब मौसम ने बागवानों की चिंता बढ़ा दी है। घाटी के बगीचों में इन दिनों सेब की फसल तैयार खड़ी है। कुछ ही दिनों में सेब तुड़ान का काम जोर पकड़ने वाला है। ऐसे समय में बारिश और बर्फबारी होने से बागवानों को फसल को नुकसान पहुंचने का डर सता रहा है। मौसम लंबे समय तक खराब रहने पर सेब की तुड़ान और उसे सड़कों तक पहुंचाने में भी दिक्कतें आ सकती हैं। बागवानों का कहना है कि अगर मौसम का मिजाज इसी तरह बना रहा तो सेब की तुड़ान प्रभावित हो सकती है। बारिश के कारण सेब पर दाग पड़ने और उसकी गुणवत्ता खराब होने की आशंका भी है। इससे फसल की बिक्री और बागवानों की कमाई पर असर पड़ सकता है। सेब तुड़ान के बाद उसे समय पर सड़क तक पहुंचाना बागवानों के लिए अहम होता है। लगातार बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी जारी रहने से परिवहन में दिक्कतें आने की आशंका है। फिलहाल घाटी में ठंड बढ़ गई है और लोगों को गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है। सेब तुड़ान के अहम समय में मौसम का बदला मिजाज बागवानों के लिए चिंता का विषय बन गया है। अब सभी की नजर मौसम के अगले रुख पर है।