डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में रैगिंग की शिकायत की जांच में नए तथ्य सामने आए हैं। दिल्ली निवासी प्रथम वर्ष के छात्र सहित आठ जूनियर विद्यार्थियों ने सीनियर छात्रों पर रैगिंग के आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, उन्हें भोटा चौक स्थित एक सीनियर के पीजी कमरे में बुलाया गया था। वहां उन्हें सीनियर से नजरें झुका कर बात करने और मिलने पर डॉक्टर साहब कहकर नमस्ते करने को कहा गया। मामले में द्वितीय वर्ष के नौ विद्यार्थियों की भूमिका जांच के दायरे में है। हालांकि, अभी जांच पूरी नहीं हुई है और आरोपों पर अंतिम निर्णय होना बाकी है। मंगलवार को एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक में शिकायतकर्ता विद्यार्थियों और सीनियर छात्रों के बयान दर्ज किए गए। प्रारंभिक जांच में जूनियर विद्यार्थियों ने बताया कि उन्हें सीनियर से बात करते समय नजरें झुकाकर रखने और हर बार मिलने पर डॉक्टर साहब कहकर अभिवादन करने के निर्देश दिए गए थे। उन्हें अपना परिचय देने के लिए बाकायदा एक प्रारूप भी दिया गया था। इसी प्रारूप के अनुसार अपना परिचय देने को कहा गया। सभी ने शिकायतकर्ता छात्र के आरोपों की पुष्टि की है। सीनियर छात्रों की ओर से कथित तौर पर बनाए गए इन नियमों और जूनियर विद्यार्थियों पर उनके दबाव को अब एंटी रैगिंग कमेटी की ओर कार्रवाई तय मानी जा रही है। जांच के दायरे में शामिल इन सीनियर छात्रों पर अब कार्रवाई की गाज गिर सकती है। इससे पहले कॉलेज प्रबंधन ने एंटी रैगिंग कमेटी की मेंबर सेक्रेटरी को ईमेल के माध्यम से शिकायत मिलने की जानकारी दी थी। मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के प्राचार्य डॉ. रमेश भारती ने कहा कि एंटी रैगिंग कमेटी की मंगलवार को भी बैठक हुई। शिकायतकर्ता विद्यार्थियों और सीनियर छात्रों के बयान दर्ज किए गए हैं। जूनियर छात्रों ने बताया कि सीनियर से मिलने पर उन्हें डॉक्टर साहब कहकर नमस्ते करने और नजरें झुकाकर बात करने को कहा गया था। उन्हें अपना परिचय देने के लिए एक प्रारूप भी दिया गया था। मामले में नियमों के तहत जल्द कार्रवाई की जाएगी।