गांधी वाटिका में प्रस्तावित ई-टैक्सी बूथ को लेकर स्थानीय टैक्सी यूनियन और एक्स सर्विसमैन विरोध में उतर आए हैं। प्रदर्शनकारियों ने बूथ को गांधी वाटिका में स्थापित करने के बजाय कचहरी से बस अड्डा मार्ग के बीच किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि इस क्षेत्र में बूथ बनने से स्थानीय टैक्सी चालकों के रोजगार पर असर पड़ सकता है। प्रस्तावित ई-टैक्सी बूथ का निर्माण शिमला की तर्ज पर किया जाना है। प्रशासन की ओर से यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया जा रहा है। हालांकि, स्थानीय टैक्सी यूनियन और पूर्व सैनिकों ने इसके लिए स्थान चयन पर आपत्ति जताई है। उनका तर्क है कि गांधी वाटिका में बूथ स्थापित करने के बजाय सभी पक्षों की सहमति से किसी अन्य स्थान का चयन किया जाना चाहिए। ई-टैक्सी बूथ के विरोध की सूचना मिलने पर नगर निगम के मेयर और पार्षद मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उनकी मांगों और आपत्तियों को सुना। इस दौरान पुलिस प्रशासन भी मौके पर मौजूद रहा। एएसपी राम प्रसाद और एसएचओ धर्मशाला नारायण सिंह ने स्थिति का जायजा लिया। प्रदर्शनकारियों ने नगर निगम प्रशासन के समक्ष अपनी मांग रखी कि ई-टैक्सी बूथ के लिए ऐसा स्थान चुना जाए, जिससे यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के साथ-साथ स्थानीय टैक्सी चालकों के रोजगार पर भी प्रतिकूल असर न पड़े। सहमति से स्थान चयन की मांग स्थानीय टैक्सी यूनियन का कहना है कि ई-टैक्सी बूथ स्थापित करने से पहले सभी संबंधित पक्षों के साथ चर्चा की जानी चाहिए। यूनियन ने मांग की कि कचहरी से बस अड्डा मार्ग के बीच कोई अन्य उपयुक्त स्थान तलाशा जाए। इससे यात्रियों को सुविधा मिलने के साथ स्थानीय टैक्सी चालकों के हितों की भी रक्षा हो सकेगी। प्रशासन की ओर से ई-टैक्सी बूथ स्थापित करने की योजना यात्रियों की सुरक्षा के उद्देश्य से बनाई गई है। वहीं, स्थानीय टैक्सी यूनियन और एक्स सर्विसमैन के विरोध के बाद स्थान चयन को लेकर विवाद सामने आया है। अब सभी पक्षों के बीच सहमति बनाकर आगे की कार्रवाई किए जाने की मांग उठ रही है।