आसमान से बरसती बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी के बीच चार श्रद्धालुओं ने त्यारी-होली वाया क्लाह होकर मणिमहेश की कठिन यात्रा पूरी की। खराब मौसम और दुर्गम रास्तों की चुनौतियों के बावजूद श्रद्धालुओं ने तीन दिन में यात्रा पूरी कर राधाष्टमी के पावन अवसर पर मणिमहेश डल में आस्था की डुबकी लगाई। श्रद्धालुओं के दल में पालमपुर निवासी अंकु भट्ट, नागिनी निवासी अभी, होली निवासी अबू और श्याम शामिल रहे। दल ने यात्रा के दौरान मौसम के लगातार बदलते मिजाज का सामना किया। बारिश के बीच कई जगह रास्ता मुश्किल हुआ तो ऊंचाई बढ़ने के साथ बर्फबारी ने भी श्रद्धालुओं की परीक्षा ली। 16 सितंबर को यात्रा के दौरान जेल खड्ड के समीप मौसम अचानक खराब हो गया। लगातार बारिश के चलते श्रद्धालुओं ने वहीं रात बिताने का निर्णय लिया। मौसम कुछ सामान्य होने पर अगले दिन अल सुबह दल ने दोबारा यात्रा शुरू की। कठिन चढ़ाई और खराब मौसम के बीच कदम बढ़ाते हुए श्रद्धालु मणिमहेश की ओर रवाना हुए। तीन दिन की कठिन यात्रा के बाद दल मणिमहेश डल झील पहुंचा। राधाष्टमी के शुभ अवसर पर डल टूटने के बाद श्रद्धालुओं ने पवित्र डल में स्नान किया और चतुर्मुखी शिवलिंग के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। यात्रा पूरी होने पर श्रद्धालुओं ने इसे आस्था, धैर्य और विश्वास की परीक्षा बताया। श्रद्धालुओं के अनुसार खराब मौसम के कारण यात्रा चुनौतीपूर्ण जरूर रही, लेकिन भगवान भोलेनाथ के प्रति आस्था ने उन्हें लगातार आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। बारिश और बर्फबारी के बीच पूरी की गई यह यात्रा उनके लिए जीवनभर याद रहने वाला आध्यात्मिक अनुभव बन गई।