पंडित जवाहर लाल नेहरू आयुर्विज्ञान महाविद्यालय एवं अस्पताल चंबा के दरबार हॉल में शुक्रवार को व्हाइट कोट सेरेमनी का आयोजन किया गया। समारोह में एमबीबीएस बैच 2026-27 के 121 प्रशिक्षुओं को व्हाइट कोट पहनाकर चिकित्सा के क्षेत्र में उनकी नई शुरुआत का संदेश दिया गया। महाविद्यालय के प्राचार्य एवं डीन डॉ. पंकज गुप्ता ने कहा कि व्हाइट कोट केवल एक पोशाक नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण, विश्वास और जिम्मेदारी का प्रतीक है। चिकित्सा का पेशा सीधे मानवता की सेवा से जुड़ा है। ऐसे में प्रत्येक भावी चिकित्सक को अपने कर्तव्यों का निर्वहन ईमानदारी, संवेदनशीलता और नैतिक मूल्यों के साथ करना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक कुशल चिकित्सक बनने के लिए किताबी ज्ञान और तकनीकी दक्षता के साथ मरीजों के प्रति सहानुभूति, विनम्र व्यवहार और उनकी समस्याओं को समझना भी जरूरी है। चिकित्सक का दायित्व केवल उपचार करना नहीं, बल्कि मरीजों को भरोसा, सम्मान और मानसिक संबल देना भी है। डॉ. गुप्ता ने प्रशिक्षुओं को अध्ययनकाल से ही अनुशासन, निरंतर सीखने की प्रवृत्ति और चिकित्सा संबंधी नैतिक सिद्धांतों को अपनाने की सलाह दी। उन्होंने उम्मीद जताई कि विद्यार्थी भविष्य में कुशल और जिम्मेदार चिकित्सक बनकर समाज एवं राष्ट्र की स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि मरीजों की सेवा, उनके विश्वास की रक्षा और मानव जीवन का सम्मान प्रत्येक चिकित्सक की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। समारोह का उद्देश्य भावी चिकित्सकों को उनके दायित्वों से परिचित करवाने और उनमें सेवाभाव विकसित करना रहा। इस मौके पर अकादमिक समन्वयक डॉ. श्रीधर राव, डॉ. डेजी, डॉ. संजीव, डॉ. हानिश, डॉ. शैलजा और डॉ. ऊर्जा वाली सहित अन्य उपस्थित रहे।